Shahjahanpur स्वदेशी मेला 2025 में डांडिया नाइट— सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह की शानदार पहल
स्वदेशी की रौनक, डांडिया की धूम — शाहजहाँपुर ट्रेड शो-2025 में महिलाओं ने झूमकर मनाया ‘डांडिया नाइट’
सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह की पहल पर सांस्कृतिक एकता और महिला सशक्तिकरण का शानदार संगम — बीएसए दिव्या गुप्ता और भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता संग झूमीं महिलाएं, डांडिया नाइट में छाया उल्लास का रंग
शांति, शोख़ी और स्वदेशी का संगम
शाहजहाँपुर की रात सोमवार को कुछ यूं सजी कि मानो रंगों ने चाँदनी ओढ़ ली हो। खिरनीबाग रामलीला मैदान में जब ढोल की थाप गूंजी, तो परंपरा और आधुनिकता दोनों एक सुर में थिरक उठे। मंच पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, बीएसए दिव्या गुप्ता और भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने जब डांडिया की चमकती छड़ियों को थामकर नृत्य किया, तो माहौल तालियों, रोशनी और उत्साह से भर गया।
यह सिर्फ़ डांस नहीं था — यह “स्वदेशी की आत्मा” और “महिला सशक्तिकरण का उत्सव” था।
डांडिया नाइट — महिला सशक्तिकरण की झंकार
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह की पहल पर आयोजित इस ‘डांडिया नाइट’ ने शाहजहाँपुर के स्वदेशी मेले को नई पहचान दी।
कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाएं और बालिकाएं पारंपरिक परिधानों में सजीं — और जब डांडिया की लय बजी, तो हर हाथ में चमक और हर चेहरे पर मुस्कान थी।
महिलाओं ने कहा, “सीडीओ मैम की वजह से हमें पहली बार इतने बड़े मंच पर अपनी संस्कृति को जीने का मौका मिला। हम उन्हें धन्यवाद देती हैं।”
सम्मान और सराहना — फ्रीज, एलईडी और वॉशिंग मशीन जैसे पुरस्कार
कार्यक्रम में उत्साह का आलम तब और बढ़ गया जब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
विभिन्न समूहों में श्रेष्ठ प्रतिभागियों को फ्रीज, एलईडी टीवी और वॉशिंग मशीन जैसे आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान सिर्फ़ पुरस्कार नहीं, बल्कि महिलाओं के हुनर, आत्मविश्वास और मेहनत की पहचान थी।
सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह की प्रेरणादायक पहल
कार्यक्रम के दौरान सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने कहा —
“स्वदेशी सिर्फ़ एक विचार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का सपना है। इस मेले के ज़रिए हम महिलाओं को आत्मविश्वासी, आर्थिक रूप से सशक्त और सांस्कृतिक रूप से जागरूक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।”
उनकी इस पहल को महिलाओं ने एक स्वर में सराहा। डांडिया नाइट न सिर्फ़ मनोरंजन का माध्यम बनी, बल्कि ‘नारी सशक्तिकरण’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ का वास्तविक मंच भी बन गई।
स्वदेशी मेला — आत्मनिर्भरता का उत्सव
शाहजहाँपुर में चल रहे यू.पी. ट्रेड शो-2025 स्वदेशी मेला ने स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को एक नया जीवन दिया है।
खिरनीबाग रामलीला मैदान में 18 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले में सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक स्थानीय उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शनी हो रही है।
यह मेला सिर्फ़ व्यापार का नहीं, बल्कि “वोकल फॉर लोकल” और “स्वदेशी अपनाओ” अभियान को धरातल पर लाने का एक जनांदोलन है।
कारीगरों की मेहनत और कला का सम्मान
मिट्टी कला से लेकर हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुएं, घरेलू उत्पादों से लेकर पारंपरिक परिधान — हर स्टॉल पर स्थानीय कारीगरों की मेहनत झलक रही है।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए कहा कि —
“स्थानीय उत्पादों की खरीददारी से न केवल अर्थव्यवस्था मज़बूत होती है, बल्कि हर खरीद के साथ एक परिवार मुस्कुराता है।”
‘वोकल फॉर लोकल’ का असली उदाहरण
स्वदेशी मेला प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान की भावना को जीवंत कर रहा है।
इस आयोजन ने साबित किया कि विकास सिर्फ़ नीतियों से नहीं, संस्कृति और समाज के संग मिलकर आगे बढ़ने से होता है।
महिलाओं की भावनाएं — आत्मविश्वास और आनंद
मेले में शामिल महिलाओं ने कहा —
“आज पहली बार लगा कि हमारी कला, हमारा नृत्य और हमारी खुशी भी समाज के लिए मायने रखती है। ये रात हमारे लिए हमेशा यादगार रहेगी।”
शांति और सशक्तिकरण का संगम
डांडिया की थाप और स्वदेशी की खुशबू से सजा शाहजहाँपुर का यह मेला यह संदेश दे गया कि
“जब महिला सशक्त होती है, तो समाज आत्मनिर्भर बनता है।”
सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह की पहल ने न केवल महिलाओं को आत्मविश्वास का नया मंच दिया, बल्कि सरकार की ‘स्वदेशी से स्वाभिमान’ की सोच को भी साकार किया।
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