Shahjahanpur में हैवानियत: मासूम को जिंदा दफनाया
Shahjahanpur में झूठी शान और हैवानियत: मासूम को जिंदा दफनाया, ग्रामीणों ने बचाई जान
उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यह घटना न सिर्फ एक माँ की निर्दयता का उदाहरण है, बल्कि समाज की उस कड़वी सच्चाई को भी उजागर करती है, जहाँ बेटियों को आज भी बोझ समझा जाता है। थाना जैतीपुर क्षेत्र के गौहावर गांव में एक माँ ने अपनी 10-15 दिन की नवजात बच्ची को मिट्टी में जिंदा दफना दिया। लेकिन किस्मत ने उसका साथ दिया और ग्रामीणों की सतर्कता ने उसकी जान बचा ली।
Shahjahanpur खेत से मासूम की रोने की करुण पुकार सुन पहुंचे लोग
घटना रविवार को गौहावर गांव में बहगुल नदी के पुल के पास हुई। खेतों में बकरियां चरा रहे बालक डबलू ने अचानक किसी शिशु के रोने की आवाज सुनी। पहले तो उसे भ्रम हुआ, लेकिन जैसे-जैसे आवाज तेज हुई, वह नज़दीक पहुँचा। वहाँ उसने देखा कि एक गड्ढे में मिट्टी दबा हुई बच्ची का सिर्फ एक छोटा सा हाथ बाहर निकला है और पूरा शरीर मिट्टी से ढँका हुआ है। यह दृश्य देखकर डबलू घबरा गया और जोर-जोर से शोर मचाया।
Shahjahanpur ग्रामीणों की त्वरित मदद और पुलिस की सक्रियता
डबलू की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े। उन्होंने मिट्टी हटाकर बच्ची को बाहर निकाला। बच्ची पूरी तरह मिट्टी से सनी हुई थी और उसके नन्हे हाथों को चींटियाँ काट रही थीं, जिससे खून बह रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। थाना जैतीपुर की पुलिस टीम मौके पर पहुँची और बच्ची को ग्रामीण नीरज की गोद में सौंपा, जहाँ नीरज ने मिट्टी साफ कर बच्ची को सीएचसी भेजने की व्यवस्था की। गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने तुरंत उसे रेफर कर राजकीय मेडिकल कॉलेज शाहजहाँपुर भेज दिया। वर्तमान में बच्ची का इलाज न्यू बोर्न केयर यूनिट (SNCU) में चल रहा है।
Shahjahanpur सीओ तिलहर का बयान
सीओ तिलहर ज्योति यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्ची को मिट्टी में जिंदा दबाने की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और सकुशल बच्ची को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन को भी दी गई है। बच्ची के माता-पिता की तलाश की जा रही है और उनकी पहचान होते ही अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जैसा कि संदेह के आधार पर माँ पर आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन पुलिस की जाँच अभी जारी है और बच्ची के वास्तविक माता-पिता की तलाश भी की जा रही है। ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि कहीं यह घटना किसी और मासूम की हत्या की साजिश तो नहीं है, जिसे किसी निर्दोष पर थोपने की कोशिश की जा रही हो। फिलहाल, पुलिस हर पहलू की गहराई से जाँच कर रही है ताकि सच सामने आ सके।
Shahjahanpur इंसानियत को झकझोरने वाला सवाल
यह घटना कई सवाल खड़े करती है—क्या वजह रही होगी कि एक माँ ने अपनी ही कोख से जन्मी मासूम को मिट्टी में दबा दिया? क्या यह लड़की होने की वजह से था या फिर गरीबी और सामाजिक दबाव जैसी मजबूरी? चाहे जो कारण हो, लेकिन यह घटना उस मानसिकता को दर्शाती है जहाँ बेटी पैदा होना आज भी अपराध जैसा माना जाता है।
Shahjahanpur गाँव में आक्रोश और संवेदनाएँ
गौहावर गांव के लोग इस घटना को लेकर गुस्से में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की हैवानियत ने पूरे समाज को शर्मसार कर दिया है। कई लोगों ने बच्ची को अपनी संतान की तरह अपनाने की इच्छा भी जताई है। वहीं, चिकित्सक बच्ची की स्थिति को गंभीर बताते हुए उसके बचाव के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
समाज के लिए चेतावनी
यह मामला सिर्फ शाहजहाँपुर का नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। जहाँ एक ओर बेटियाँ देश का गौरव बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी ओर आज भी ऐसे परिवार हैं जो नवजात बच्चियों को मिट्टी में दबाने से नहीं हिचकिचाते। प्रशासन और समाज को मिलकर ऐसे मानसिकता के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी।
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