Shahjahanpur: सूदखोरों से तंग व्यापारी ने पत्नी और 4 साल के मासूम सहित की आत्महत्या
Shahjahanpur की दर्दनाक घटना: व्यापारी परिवार की आत्महत्या ने खड़े किए कई सवाल
शाहजहाँपुर में मंगलवार सुबह घटी एक हृदयविदारक घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। रोज़ा थाना क्षेत्र के दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी में रहने वाले हरियाणा हैंडलूम के मालिक सचिन ग्रोवर ने अपनी पत्नी शिवांगी और मात्र चार वर्षीय बेटे के साथ सामूहिक आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि व्यापारी लंबे समय से आर्थिक तंगी और सूदखोरों की प्रताड़ना से जूझ रहे थे। घटना स्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
Shahjahanpur:घटना का क्रम
सुबह जब घर में असामान्य सन्नाटा छाया रहा तो पड़ोसियों को संदेह हुआ। खिड़की से झांकने पर उन्होंने देखा कि अंदर दंपति फंदे से लटके हुए हैं। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने दरवाज़ा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य बेहद दर्दनाक था—सचिन और उनकी पत्नी शिवांगी पंखे से लटके थे, जबकि चार वर्षीय मासूम अचेत अवस्था में पड़ा मिला। बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को पहले जहर पिलाया गया, जिसके बाद दंपति ने खुद भी जहर खाया और फांसी लगाकर जान दे दी।
Shahjahanpur:आर्थिक संकट और सूदखोरों की प्रताड़ना
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सचिन का व्यापार लंबे समय से घाटे में चल रहा था। कारोबार में नुकसान से उबरने के लिए उन्होंने निजी साहूकारों से कर्ज लिया था। लेकिन अत्यधिक ब्याज दरें और लगातार धमकियों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया। परिवारजन और आसपास के लोगों का कहना है कि सूदखोर आए दिन दबाव बनाते और धमकियां देते थे। इसी तनाव में उन्होंने यह कदम उठाया।
Shahjahanpur:पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने कहा—
“यह बेहद दुखद घटना है। घर से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। फिलहाल हम हर पहलू से जांच कर रहे हैं। परिवार के अन्य सदस्यों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। सुसाइड नोट की सामग्री का भी परीक्षण किया जा रहा है। अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि आत्महत्या की वजह सिर्फ कर्ज का दबाव था या अन्य कोई कारण भी था।”
पड़ोसियों की गवाही
दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी के पड़ोसी इस घटना से सदमे में हैं। उनका कहना है कि सचिन और शिवांगी सामान्य रूप से हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के थे, लेकिन पिछले कुछ समय से वे काफी तनावग्रस्त दिख रहे थे। कई बार उन्होंने आर्थिक कठिनाईयों का जिक्र भी किया था।
Shahjahanpur:सामूहिक आत्महत्या ने उठाए सवाल
यह घटना सिर्फ एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर प्रश्न भी खड़े करती है।
क्या सूदखोरी के बढ़ते जाल में फंसकर व्यापारी और आम लोग मानसिक रूप से टूटते जा रहे हैं?
प्रशासन और वित्तीय संस्थानों की निगरानी में ऐसी गतिविधियां कैसे फल-फूल रही हैं?
क्या व्यापारी समुदाय के लिए कोई ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, जो आर्थिक संकट के समय सहारा बन सके?
शाहजहाँपुर की यह घटना दिखाती है कि आर्थिक दबाव और सूदखोरी किस हद तक किसी परिवार को तोड़ सकती है। महज़ 4 साल के मासूम की ज़िंदगी भी इस त्रासदी की भेंट चढ़ गई। पुलिस की जांच आगे और तथ्य उजागर करेगी, लेकिन यह घटना समाज के लिए गहरा सबक है कि समय रहते आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे लोगों को सहारा और समाधान मिलना कितना आवश्यक है।
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