Kanpur News – पति से दूरियां और प्रेमी से प्यार के इकरार ने एक बार फिर हत्या जैसी घिनौनी और खौफनाक वारदात को जन्म दे डाला। जी हाँ दिल को दहला देने वाली इस वारदात को अंजाम दिया गया है उत्तर प्रदेश के कानपुर में। जहां एक पत्नी ने पति की दूरियां बनाई और फिर एक प्रेमी को अपना लिया जिसके बाद प्यार का जुनून इस कदर हावी हुआ कि पति को रास्ते का कांटा मान कर हत्या की साजिश रच डाली, और एक दिन ऐसा आया कि पत्नी षणयंत्र के तहत पति को बुलाया और फिर प्रेमी ने उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इस वारदात खुलासा भी न होता, अगर मृतक के पिता ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में हत्या किए जाने की आशंका न जताई होती। जिसको आधार मानकर पुलिस ने अपनी तफ्तीश शुरू की तो परत दर परत खुलती गई और फिर एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
कैसे लगा सुराग
दरअसल फर्रुखाबाद के रहने वाले तुलाराम ने कानपुर कमिश्नर पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया। जिसमे तुलाराम ने अपने पुत्र संजय यादव उर्फ़ अग्रेतर पाल की हत्या की आशंका जताई गई थी। जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए संजय यादव उर्फ़ अग्रेतर पाल की तलाश शुरू की गई। लेकिन बीती बाईस सितम्बर के बाद से संजय का मोबाइल बंद जा रहा था। पुलिस ने संजय का पता लगाने के लिए उस जगह गुड़गांव में भी संपर्क किया तो मालूम हुआ कि वह 21 सितम्बर को कानपुर के लिए रवाना हुआ था। तब से उसकी कोई भी खबर नहीं है। इस जवाब से पुलिस का शक संजय के पिता द्वारा जताई गई साजिश की आशंका पर पहुंच गई। बस क्या था पुलिस की एक टीम संजय की पत्नी सुमन यादव के पीछे लग गई और कुछ ही दिनों बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पहले तो पूजा पुलिस को बातों में उलझाती गई लेकिन अंत में टूटकर पूरी वारदात से पर्दा उठा दिया। सुमन की निशानदेही पर पुलिस ने उसके प्रेमी को भी गिरफ्तार कर लिया।
खौफनाक थी दोनों की साजिश
दिल दहलाने वाली इस वारदात की शुरुआत हुई थी आज से तीन साल पहले। जब सुमन का पति संजय यादव उर्फ़ अग्रेतर पाल काम के सिलसिले में गुड़गांव में ही रहने लगा। इधर सुमन अपना खर्चा चलाने के लिए कानपुर के गुजैनी में रहकर दादा नगर की एक फैक्ट्री में काम करने लगी। तभी सुमन की मुलाक़ात फैक्ट्री में ही काम करने वाले राजेश कुमार उर्फ़ राम से हुई। दोनों एक ही इलाके में रहने के कारण एक साथ फैक्ट्री आने-जाने लगे। धीरे-धीरे समय बढ़ता गया। सुमन और राजेश के बीच की दूरियां घटती गई। दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया। लेकिन दोनों को संजय का डर सताता रहता था। इस बीच कभी कदार सुमन के पास संजय का फोन अत था तो वो सदमे में चली जाती थी। क्योंकि सुमन को अब राजेश से इस तरह से प्यार हो गया था कि वो एक पल भी राजेश के बिना नहीं रह सकती थी। फिर एक दिन सुमन ने राजेश के साथ रात गुजारी और हत्या की साजिश रच डाली। जिसके लिए सुमन ने संजय को बड़े ही प्यार से बुलाया और बुलाने के बाद वह बहाने से राजेश के घर ले गई। जहां राजेश ने 22 सितम्बर की दोपहर ही संजय की गर्दन पर वार कर दिया। जिसकी वजह से संजय बदहवास हो कर गिर गया। फिर देखते ही देखते राजेश ने सुमन की आँखों के सामने चाकुओं से गोदकर संजय की हत्या कर दी और लाश को घर के पीछे की झाड़ियों में छिपा दिया।
हत्यारिन पत्नी और प्रेमी अब सलाखों के पीछे
पुलिस ने हत्यारोपी राजेश उर्फ़ राम के साथ ही सुमन को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही शव की खोज की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसकी रिपोर्ट में हत्या का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस हत्या में प्रयोग की गई चाकू और साइकिल भी बरामद कर ली है।