Siyaram Baba: 110 साल की उम्र में बाबा का निधन, की थी 10 साल तक असंभव तपस्या.. उमड़ा जनसैलाब

0
sant-siyarama-baba-passed-away-november-2024

Siyaram Baba: निमाड़ के प्रसिद्ध संत सियाराम बाबा का बुधवार सुबह 6:10 बजे मोक्षदा एकादशी के दिन निधन हो गया। 110 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। खरगोन जिले के कसरावद के तेली भट्ट्यान गांव में नर्मदा किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया। साधु-संतों ने उन्हें मुखाग्नि दी और लाखों श्रद्धालुओं ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे।

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

सियाराम बाबा की अंतिम यात्रा उनके आश्रम से नर्मदा घाट तक निकाली गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने “जय सियाराम” के नारे लगाए। करीब तीन लाख लोगों ने बाबा के अंतिम दर्शन किए। बाबा को एक सुसज्जित डोले में विराजित कर यात्रा निकाली गई। नर्मदा घाट पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

संत सियाराम बाबा की तपस्या और साधना

सियाराम बाबा का असली नाम कोई नहीं जानता, लेकिन उनकी तपस्या और साधना ने उन्हें अमर बना दिया। 1933 से नर्मदा किनारे तपस्या करते हुए, उन्होंने दस वर्षों तक खड़े रहकर मौन साधना की। 70 वर्षों से वे रामचरित मानस का पाठ कर रहे थे। भक्तों के अनुसार, उनका शरीर मौसम के अनुकूल बन चुका था और वे हर मौसम में सिर्फ लंगोटी पहनकर रहते थे।

sant-siyarama-baba-passed-away-november-2024

बाबा के निधन से देशभर में शोक की लहर

संत सियाराम बाबा निमोनिया से पीड़ित थे। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी देखभाल में लगी हुई थी। हालांकि, बुधवार सुबह उनकी स्थिति बिगड़ गई और डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन से पूरे देश में उनके अनुयायियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा की समाधि को पवित्र स्थल बनाने और क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने बाबा की स्मृति में क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।

https://platform.twitter.com/widgets.js

अन्य नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने भी बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।

हनुमान जी के भक्त थे संत सियाराम बाबा

सियाराम बाबा हनुमान जी के अनन्य भक्त थे। वे लगातार रामचरित मानस का पाठ करते रहते थे। उनके अनुयायियों का कहना है कि बाबा का नाम सियाराम उनके द्वारा किए गए उच्चारण से पड़ा।

श्रद्धालुओं की अपार आस्था

इंदौर से आए मनोज व्यास ने बताया कि भीड़ के बावजूद उन्हें बाबा के अंतिम दर्शन का अवसर मिला। श्रद्धालुओं ने बाबा के प्रति अपनी अपार आस्था और सम्मान प्रकट किया।

सियाराम बाबा का जीवन और उनकी तपस्या लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। उनके निधन से देश ने एक महान संत खो दिया। उनकी स्मृति और उनकी शिक्षाएं सदैव लोगों को प्रेरित करती रहेंगी।

 

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading