समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047: कानपुर में उद्यमियों, महिला समूहों और श्रमिकों के सुझावों का सम्मेलन

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कानपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 संकल्प और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की परिकल्पना को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के अंतर्गत कानपुर नगर में दो सत्रों में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह कार्यक्रम सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में हुआ, जिसमें उद्यमियों, व्यापारिक संगठनों, महिला समूहों और श्रमिक संगठनों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख प्रतिनिधि और अधिकारी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार और सेवानिवृत्त आईएएस अवनीश कुमार अवस्थी, सेवानिवृत्त आईएफएस बाबूराम अहिरवार, सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. चुन्ना सिंह और कृषि विभाग के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. शंकर सिंह ने प्रबुद्धजनों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उनके साथ अपर मुख्य सचिव और जनपद के नोडल अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन उपस्थित रहे।

अवनीश अवस्थी का संदेश

अवनीश अवस्थी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए उत्तर प्रदेश का विकसित होना आवश्यक है, क्योंकि यह राज्य देश की कुल जनसंख्या का पांचवां हिस्सा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश की जीडीपी में लगातार वृद्धि इस दिशा में मजबूत संकेत है। पिछले आठ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में 2.2 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

अवनीश अवस्थी ने बताया कि 1970 के दशक में उत्तर प्रदेश की औसत प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत का 82.04 प्रतिशत थी, जो 2017-18 में घटकर 50.03 प्रतिशत रह गई थी। वर्तमान सरकार के प्रयासों से इसमें सुधार हुआ है और 2024-25 तक लगभग 2.3 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कृषि क्षेत्र की मजबूती पर जोर देते हुए बताया कि गेहूँ, चावल, गन्ना और दूध उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।

उद्यमियों और व्यापारिक संगठनों के सुझाव

पहले सत्र में उद्यमियों और व्यापारिक संगठनों ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को तेज करने और व्यापार विस्तार के लिए कई ठोस सुझाव दिए।

* आदर्श अग्रवाल, अध्यक्ष पीआईए, ने कक्षा 12 तक औद्योगिक और व्यवसायिक शिक्षा को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया।

* संदीप अवस्थी, अध्यक्ष लघु उद्योग भारतीय, ने ODOP योजना में लेदर और अन्य उत्पादों को बढ़ावा देने और छोटे व मध्यम उद्योगों को सब्सिडी देने की मांग की।

* **लाडली प्रसाद**, आईयूबी, ने हाउस टैक्स में छूट, औद्योगिक क्षेत्रों में सीवर, बिजली और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं को सुधारने पर बल दिया।

* उमंग अग्रवाल, FITA, ने रिवर फ्रंट निर्माण और शहर में जाम की समस्या के समाधान पर सुझाव दिया।

* शिव कुमार गुप्ता, अध्यक्ष यूपी इंडस्ट्रियल स्टेट, ने लीज रेंट को सरल बनाने और फ्री होल्ड लीज डीड लागू करने की आवश्यकता जताई।

* विनोद गुप्ता, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ, ने पुराने बाजारों में व्यापारियों को स्थायी दुकानें आवंटित करने और नकली दवाओं पर कानून कड़ा करने की बात कही।

* अन्य उद्यमियों ने जीएसटी संग्रहण सुधार, डीआरसी-13 में अपील व्यवस्था, और यूपीसीडा से संबंधित मामलों में सीधे मुख्य कार्यकारी अधिकारी तक पहुंच की सुविधा की मांग की।

महिला समूहों एवं श्रमिक संगठनों का सुझाव

दूसरे सत्र में महिला समूहों और श्रमिक संगठनों ने भी अपने सुझाव साझा किए। ज्ञानेन्द्र अवस्थी, UVA ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया और नियमित रोजगार मेलों की आवश्यकता बताई। सरिता ने युवा उद्यमी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर बल दिया। श्याम शुक्ला ने ट्रांसपोर्ट नगर के नाले को सीओडी नाले से जोड़ने की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि शासन से स्वीकृति मिल चुकी है।

जनता की भागीदारी और आगे की योजना

अवनीश अवस्थी ने कहा कि उद्यमियों, महिला समूहों और श्रमिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से ही कानपुर का **चौमुखी विकास** संभव है। उन्होंने जनता से अपील की कि अधिक से अधिक सुझाव samarthuttarpradesh.up.gov.in पोर्टल और QR कोड के माध्यम से दर्ज कराएं।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि QR कोड से सभी सुझाव सीधे शासन तक पहुंचेंगे और जनभागीदारी से ही विकसित उत्तर प्रदेश @2047 का खाका तैयार होगा।

 

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