रॉकेट पोस्ट विशेष – आज जानिए “ज्योतिष” में “ग्रहों” का “रिश्तों” से है “गहरा नाता” – ज्योतिषाचार्य पं. नीरज शर्मा
रिपोर्ट – सर्वेश शर्मा – कानपुर नगर
साथियों आज ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज शर्मा जी आपको एक ऐसे रिश्ते के विषय में बताने जा रहे हैं जो शायद ही आपने सुना होगा। क्योंकि हर रिश्ते के लिए अलग-अलग ग्रह जिम्मेदार होते हैं। सूर्य पिता के रिश्ते से सम्बन्ध रखता है तो चन्द्रमा माता का और मंगल भाई बहन का ग्रह है। तो आइए जानते हैं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रिश्तों को मधुर बनाने के लिए किस ग्रह को रखना होगा खुश।
जानिए कौन सा ग्रह किस रिश्ते के लिए है जिम्मेदार?
- सूर्य पिता के रिश्ते से सम्बन्ध रखता है।
- चन्द्रमा का संबंध माता से होता है।
- मंगल भाई-बहन और ससुर का ग्रह माना जाता है।
- बुध ननिहाल पक्ष मित्र, साले-सालियां तथा बृहस्पति ददिहाल पक्ष का कारक है।
- बृहस्पति पति, गुरु और संतान पक्ष के रिश्तों का स्वामी होता है।
- शुक्र, पत्नी और दाम्पत्य जीवन के रिश्तों का ग्रह है।
- शनि अपने अधीन लोगों के साथ रिश्तों का स्वामी है।
- राहु, ससुराल पक्ष और सास के रिश्तो का ग्रह है।
- केतु, बुजुर्गों, पुत्र संतान और मोक्ष का ग्रह है।
ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज शर्मा जी बताते कि किसी भी रिश्ते को बनाने और निभाने में सबसे ज्यादा भूमिका ‘चंद्रमा और मंगल’ की ही मानी जाती है।
“ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज शर्मा”