Rajasthan Highcourt: हाइवे से तुरंत अतिक्रमण हटाने के आदेश, फिर क्या ?
Rajasthan Highcourt आदेश: हाइवे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
Rajasthan Highcourt ने दिया बड़ा आदेश: नेशनल व स्टेट हाइवे से अतिक्रमण हटाओ, अवैध कट बंद करो
Rajasthan Highcourt ने दिखाई सख्ती
राजस्थान में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए Rajasthan Highcourt ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य में स्थित नेशनल और स्टेट हाइवे सहित सर्विस लेन से सभी अतिक्रमणों को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
हाइवे पर सीधे खुलने वाली दुकानों को बंद करने के निर्देश
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हाइवे पर सीधे खुलने वाली दुकानों को बंद किया जाए और उनके गेट हाइवे की बजाय दूसरी दिशा में खोले जाएं। कोर्ट का मानना है कि इन दुकानों के सामने वाहनों की पार्किंग से ट्रैफिक में रुकावट आती है, जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है।
जहां स्लिप या सर्विस लेन नहीं, वहां निर्माण हो
एक्टिंग मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस जी.एस. संधू की खंडपीठ ने कहा कि जिन स्थानों पर सर्विस या स्लिप लेन नहीं है, वहां शीघ्र निर्माण कराया जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि कोई भी वाहन सीधे हाइवे पर प्रवेश न करे, बल्कि सर्विस लेन के माध्यम से ही आए।
अवैध कट और पार्किंग पर लगेगा ब्रेक
कोर्ट ने हाइवे पर मौजूद अवैध कटों को तत्काल बंद करने के आदेश दिए। इसके अलावा सर्विस लेन पर दोपहिया और अन्य वाहनों की पार्किंग रोकने पर भी जोर दिया। अदालत ने कहा कि यातायात में बाधा डालने वाले सभी अतिक्रमणों को पुलिस बल की सहायता से हटाया जाए।
हाइवे पर पेट्रोलिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश
खंडपीठ ने राज्य में जल्द से जल्द पेट्रोलिंग सिस्टम लागू करने को कहा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि हाइवे पर लेन सिस्टम को सख्ती से लागू किया जाए ताकि दुर्घटनाओं में कमी आए।
सरकारों को सौंपा रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार करने का आदेश
कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से कहा कि आगामी सुनवाई तक रोड सेफ्टी एक्शन प्लान और रोडमैप पेश किया जाए। सुनवाई के दौरान एएसजी भरत व्यास और महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि सरकारें सड़कों की सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास कर रही हैं।
मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना
कोर्ट ने मुख्यमंत्री स्तर पर की जा रही कार्यवाहियों और सड़क सुरक्षा सुधार के प्रयासों की सराहना की। अदालत ने कहा कि राज्य में सड़कों पर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए यह आदेश लागू करना अनिवार्य है।
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