Raebareli News: थप्पड़ कांड— स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोपी रोहित को 11 लाख के इनाम पर क्या कुछ कहा सुनिए और पढ़िए
Raebareli News: जेल से लौटे आरोपी का सम्मान समारोह
रायबरेली में चर्चित “थप्पड़ कांड” के मुख्य आरोपी रोहित द्विवेदी हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आए। बाहर आते ही सलोन क्षेत्र के एक कार्यक्रम में उनका सम्मान किया गया। इस मौके पर स्थानीय समाजसेवी आशीष तिवारी ने उन्हें 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया। यह चेक देते हुए तिवारी ने कहा—“सनातन धर्म का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
Raebareli News: धार्मिक नारे और माहौल
इनाम पाकर रोहित द्विवेदी ने मंच से ‘जय श्री राम’ और ‘हर हर महादेव’ के नारे लगाए, जिसका समर्थकों ने जोरदार जवाब दिया। भीड़ में मौजूद लोगों ने इसे “धार्मिक गौरव की जीत” बताया। इस पूरे आयोजन को ऐसे पेश किया गया मानो रोहित ने कोई बड़ा धार्मिक युद्ध जीत लिया हो।
Raebareli News: विवादित घोषणा
आशीष तिवारी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कार्यक्रम में यह घोषणा कर दी कि “जो भी व्यक्ति स्वामी प्रसाद मौर्य को जूता मारेगा, उसे 21 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पूरे प्रदेश में राजनीतिक और धार्मिक बहस छेड़ दी।
घटना की पृष्ठभूमि – फरवरी का थप्पड़ कांड
यह पूरा मामला उस घटना से जुड़ा है जो रायबरेली में घटी थी। एक कार्यक्रम के दौरान, रोहित द्विवेदी मंच पर चढ़े और उन्होंने खुलेआम स्वामी प्रसाद मौर्य को थप्पड़ मार दिया। रोहित का आरोप था कि मौर्य ने सनातन धर्म और भगवान राम के खिलाफ अपमानजनक बयान दिए थे, और उसी के विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया।
अन्य आरोपी और साजिश के आरोप
इस मामले में एक और आरोपी शिवम यादव को भी गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, शिवम के पिता का कहना है कि उनका बेटा किसी संगठन—जैसे करणी सेना—से नहीं जुड़ा है और FIR भी बिना किसी तहरीर के दर्ज की गई थी। उनका दावा है कि यह किसी साजिश के तहत किया गया मामला हो सकता है।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएँ
पुलिस ने इस घटना में मारपीट, धमकी और अपमान की धाराओं में केस दर्ज किया था। रोहित और शिवम दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया था। कुछ महीनों बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
स्वामी प्रसाद मौर्य का आक्रोश
जेल से छूटे आरोपी को 11 लाख का इनाम दिए जाने और नए 21 लाख के इनाम की घोषणा पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा—“यह योगी सरकार का असली चेहरा है, जहां बीजेपी के पोषित गुंडों को खुली छूट दी जाती है और उन्हें पुरस्कृत किया जाता है। अपराधियों को सम्मानित करना लोकतंत्र का मज़ाक और कानून की हत्या है।” मौर्य का कहना है कि यूपी में जंगलराज कायम है और यह घटनाएं उसकी जिंदा मिसाल हैं।
राजनीतिक और सामाजिक असर
इस मामले ने प्रदेश की राजनीति में बवंडर खड़ा कर दिया है। विपक्ष ने इसे बीजेपी की दोहरी नीति बताते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि कुछ संगठनों ने इसे धार्मिक अस्मिता से जोड़कर उचित ठहराने की कोशिश की है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला दो धड़ों में बंटा है—एक ओर इसे “धर्म के सम्मान” की लड़ाई बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर इसे “कानून के राज का अपमान” करार दिया जा रहा है।
Raebareli News: विश्लेषण – राजनीति, धर्म और अपराध का खतरनाक गठजोड़
रायबरेली का यह मामला दिखाता है कि किस तरह धार्मिक भावनाओं को भड़काकर अपराध को महिमामंडित किया जाता है। आरोपी को जेल से छूटने पर सम्मानित करना और भविष्य में हिंसा के लिए इनाम घोषित करना, यह साबित करता है कि सत्ता के करीबी लोगों के लिए कानून की ताकत कमजोर हो जाती है। यह न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा है, बल्कि आम जनता में भय और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करता है।
Raebareli News: स्वामी प्रसाद मौर्य को थप्पड़ मारने वाले रोहित को मिला 11 लाख का इनाम