Raebareli: चोर समझ युवक को पीट-पीटकर मार डाला, 6 गितफ़्तार
Raebareli: चोर समझकर युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर की हत्या — शव रेलवे पटरी पर फेंक दिया
रायबरेली जिले के ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के ईश्वरदासपुर गांव में एक युवक को चोर समझ कर ग्रामीणों ने बेरहमी से पीटा। युवक की घटनास्थल पर तड़प-तड़प कर मौत हो गई और बाद में उसका शव रेलवे लाइन के पास अर्धनग्न हालत में फेंक दिया। घटना का पूरा दुखद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए प्राथमिक गिरफ्तारी की है और जांच कर रही है।
कैसे हुई घटना
घटना रात के समय हुई, जब गांव के लोगों ने सड़क पर चल रहे एक युवक को संदिग्ध समझ कर रोक लिया। लोगों की भीड़ तेजी से इकट्ठी हो गई और संदिग्ध युवक पर आरोप लगने शुरू हुए। अफवाह और संदेह के चलते भीड़ ने उसे पकड़ कर मारना-पीटना शुरू कर दिया।
वायरल वीडियो में क्या दिखता है — पीड़ित बार-बार सच कहता रहा
सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि युवक पर पहले लात-घूंसे बरसाए गए और फिर बेल्ट तथा डंडों से पिटाई की गई। घायल युवक बार-बार यह बोलता रहा कि वह चोर नहीं है, पर भीड़ उसकी बात नहीं सुनती। वीडियो में उसकी कष्टपूर्ण हालत और शरीर पर गहरे चोट के निशान मौत की गवाही दे रहे हैं।
हत्या को हादसे का रूप देने का प्रयास
घटना के बाद आरोपियों ने युवक के शव को रेलवे पटरी के पास अर्धनग्न अवस्था में फेंक दिया। ऐसा करने का उद्देश्य शव को किसी दुर्घटना का दिखाना माना जा रहा है। मौके पर मिले निशानों व वायरल फुटेज से ऐसा प्रतीत होता है कि युवक की मौत मारपीट के कारण हुई है, न कि किसी अनहोनी दुर्घटना से।
पहचान और जानकारी
पुलिस ने मृतक की पहचान हरिओम पुत्र गंगादीन, निवासी तरावती पुरवा, कोतवाली फतेहपुर जनपद के रूप में की है। घटना के सम्बन्ध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और प्रारम्भिक रिकॉर्ड के अनुसार मुकदमा संख्या मु0अ0सं0 389/2025 व धारा 105 BNS का उल्लेख किया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
Raebareli: पुलिस कार्रवाई — गिरफ्तारी और पूछताछ
वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने कुछ ग्रामीणों को हिरासत में लिया है और उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस मौके पर मौजूद अन्य लोगों से भी बयान ले रही है तथा आसपास के कैमरों और मोबाइल फुटेज की जाँच कर रही है ताकि घटना की सटीक chronological sequence (घटनाक्रम) सामने आ सके। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
कानूनी व सामाजिक निहितार्थ — भीड़-न्याय के खतरनाक परिणाम
यह घटना भीड़-न्याय के घातक परिणामों की एक भयावह तस्वीर प्रस्तुत करती है। गलत पहचान, अफवाह और त्वरित फैसले अनजाने में किसी की जान ले सकते हैं। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और समाज में संयम, जांच और कानून के प्रति विश्वास बढ़ाने की आवश्यकता है।
आगे की प्रक्रिया — पोस्टमार्टम और कार्रवाई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की गहन जांच करेगी। जांच पूरी होने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक प्रावधानों के तहत मुकदमे दर्ज किए जाएंगे और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से दोषियों को दंडित किया जाएगा। प्रशासन ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
रायबरेली की यह दर्दनाक घटना मानवता और कानून के प्रति एक गंभीर चेतावनी है। समाज में अफवाहों पर भरोसा कर भीड़ द्वारा तत्काल फैसला लेना किसी भी स्थिति में जायज़ नहीं ठहराया जा सकता। दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और तेज़ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ समुदायों में संवेदनशीलता और सत्यापन की भावना फैलाना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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