“पुलिस आयुक्त” ने “खाकी” को दिलाई “शपथ” – “बाल विवाह मुक्त” हो अपना “उत्तर प्रदेश”
रिपोर्ट – शिवा शर्मा – कानपुर नगर
Kanpur News – उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के निर्देशों और कानून व्यवस्था का पालन करते हुए सोमवार का दिन कानपुर कमिश्नर ऑफ पुलिस ने बाल विवाह मुक्त प्रदेश के रूप में मनाया गया। जिसके तहत पुलिस कार्यालय में महिला पुलिस कर्मचारियों समेत पुरुष पुलिस कर्मचारियों को इस बात की शपथ दिलाई गई कि उनके होते हुए बाल विवाह नहीं किया जा सकता है। साथ ही ऐसा करने वाले को अपराधी मानकर कानून के तहत दंडनीय माना जाएगा। जिसको सबक सिखाने के लिए सभी शपथकर्ता इस बात की शपथ लेते हुए इसे पूरा करने का वादा लिया गया।
कमिश्नर ऑफ पुलिस ने दिलाई शपथ
विस्तृत जानकारी के अनुसार दिनांक 16.10.23 को बाल विवाह मुक्त प्रदेश के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर श्रीमान पुलिस आयुक्त डॉक्टर आर.के.स्वर्णकार महोदय द्वारा पुलिस कार्यालय में सभी अधिकारी, कर्मचारीगण को बाल विवाह मुक्त प्रदेश की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय श्री तेजस्वरूप सिंह, पुलिस उपायुक्त पश्चिम श्री विजय ढुल,अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध श्रीमती अमिता सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त स्टॉफ ऑफिसर श्री अशोक कुमार सिंह व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
क्यों ली जाती है शपथ
अगर बात करें आकड़ों की तो राष्ट्रिय परिवार स्वास्थ्य सर्वेंक्षण – वी के अनुसार एनएफएचएस 2019 – 21 अनुसार राष्ट्रिय स्तर पर 20 – 24 वर्ग की आयु के बीच की 23. 3% महिलाओं की शादी 18 वर्ष में की गई थी। इसका मतलब कि महिलाओं को सिर्फ बुनियादी शिक्षा का ही अधिकार दिया गया होगा। इसके साथ कई अन्य मामलों को भी गंभीरता से लिया गया। तब देश में बाल विवाह मुक्त करने का लक्ष्य सरकार द्वारा सख्त किया गया। जिसका असर आज इस कदर है कि अपने उत्तर प्रदेश में इसकी प्रतिशत मात्रा न के सामान्य है और समय समय पर सरकार के जिम्मेदार विभाग इसकी शपथ लेकर प्रदेश को बाल विवाह मुक्त राज्य की शपथ ली जाती है।