Pilibhit: युवती का शव नाले में मिला, प्रेमी पर हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
Pilibhit: इंडो-नेपाल बॉर्डर पर 20 वर्षीय युवती का शव नाले में मिला, प्रेम प्रसंग में हत्या का आरोप
पीलीभीत जिले के माधोटांडा थाना क्षेत्र में एक 27 वर्षीय युवती की रहस्यमय मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। युवती का शव इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास नाला नंबर 7 में बरामद हुआ। मृतका की पहचान सोनम के रूप में हुई है, जो 10 अगस्त को घर से खेत पर जाने के लिए निकली थी और फिर लौटकर नहीं आई। घटना ने ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं।
Pilibhit:खेत से गायब हुई थी सोनम
थाना प्रभारी माधोटांडा अशोक पाल के अनुसार, सोनम 10 अगस्त की सुबह खेत पर जाने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वह अचानक लापता हो गई। परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन पुलिस को इस गुमशुदगी की सूचना नहीं दी। तीन दिन तक तलाश जारी रही, और आखिरकार इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास स्थित नाला नंबर 7 में उसका शव बरामद हुआ।
Pilibhit:नाले में शव मिलने से मचा हड़कंप
स्थानीय लोगों ने सोमवारको नाले में उतराता हुआ शव देखा और पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला और पहचान कराई। शव की हालत और घटनास्थल को देखकर मामला संदिग्ध लग रहा है। शव पानी से भीगा हुआ था और आस-पास कोई निजी सामान नहीं मिला।
Pilibhit:प्रेम प्रसंग में हत्या का आरोप
थाना प्रभारी अशोक पाल ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि सोनम का गांव के ही संदीप नाम के युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मृतका के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि संदीप ने ही सोनम की हत्या की है। उनका कहना है कि संदीप के साथ पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था, और इसी के चलते उसने सोनम को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने संदीप के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण की पुष्टि होगी।
Pilibhit:सीमा क्षेत्र में बढ़ी पुलिस और SSB की सतर्कता
इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे इस इलाके में घटना के बाद से पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (SSB) की गश्त बढ़ा दी गई है। सीमा क्षेत्रों में ऐसे मामलों को लेकर पहले भी कई बार संवेदनशीलता जताई जा चुकी है।
परिजनों की चुप्पी पर सवाल
मामले में एक अहम सवाल यह भी है कि सोनम की गुमशुदगी के तुरंत बाद पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते पुलिस को खबर देने से जांच तेजी से आगे बढ़ सकती थी और शायद घटना को रोका भी जा सकता था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। जांच में फॉरेंसिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का भी इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन बनाई जा सके।
जनजागरूकता का संदेश
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि गुमशुदगी के मामलों में देर करना खतरनाक हो सकता है। परिजनों को चाहिए कि वे तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि जांच शुरुआती चरण में ही सही दिशा में बढ़ सके। साथ ही, ग्रामीण और सीमा क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहना चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत पुलिस को अलर्ट करना चाहिए।
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