Pilibhit Viral Video: चारपाई पर मां, घुटनों तक कीचड़-पानी – ‘हे राम बचा लो’
Pilibhit Viral Video का शर्मनाक सच: कन्धों पर चारपाई और मां, घुटनों तक पानी-कीचड़, विधायक का वादा निकला झूठा
आगे खबर को पढ़ने से पहले एक बार वीडियो देख लीजिये:-
सोचिए, आपकी मां की तबीयत अचानक बिगड़ जाए और अस्पताल ले जाने के लिए आपको न केवल कीचड़ भरे रास्ते बल्कि घुटनों तक गंदे पानी से गुजरना पड़े। सुनने में दर्दनाक है, लेकिन यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि पीलीभीत के गांव अहीरबाड़ा के मजरा दुबा की सच्चाई है—और अफसोस की बात यह है कि यह सच्चाई आज भी बदलने के कोई आसार नहीं दिखाती।
गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि 62 वर्षीय वृद्ध महिला सोमवती चारपाई पर लेटी हैं, और कुछ युवक उन्हें कंधे पर उठाकर कीचड़ और गंदे पानी से भरे रास्ते से निकाल रहे हैं। यह कोई गांव की पारंपरिक शोभायात्रा नहीं, बल्कि जिंदगी और मौत के बीच जूझती एक मां की मजबूरी थी। ये मामला बीसलपुर विकासखण्ड के गांव अहिरबाड़ा के मजरा दुबा गांव का है
Pilibhit Viral Video: वादा था पक्के रास्ते का, लेकिन मिला कीचड़ का समंदर
सोमवती के बेटे गोपाल सिंह ने हमारे संवाददाता को बताया—
“घर से मुख्य सड़क तक पक्का रास्ता नहीं है। जो कच्चा रास्ता है, वह गहराई में है। ज़रा सी बारिश हुई नहीं कि पूरा रास्ता गंदे पानी से भर जाता है। इस बार मां की तबीयत अचानक बिगड़ी, तेज बुखार और पेट में जलन हो गई। अस्पताल ले जाना जरूरी था, लेकिन रास्ता इतना डूबा हुआ था कि बिना चारपाई पर उठाए निकलना असंभव था।”
Pilibhit Viral Video: गोपाल ने कटाक्ष करते हुए कहा—
“पांच महीने पहले विधायक विवेक वर्मा से कहा था कि हल्की बारिश में यह रास्ता जानलेवा हो जाता है। उन्होंने कहा था—‘बनवा देंगे।’ अब पांच महीने हो गए, रास्ता वहीं है… हां, फर्क इतना है कि अब इस पर गंदे पानी की मोटी परत भी है।”
गंदा पानी, फिसलन और जिंदगी का जुआ
150 मीटर तक गंदे पानी और फिसलन भरे कीचड़ में चारपाई उठाकर चलना कोई आसान काम नहीं। “अगर किसी का एक कदम भी फिसलता, तो मां चारपाई समेत पानी में गिर सकती थीं,” ग्रामीणों ने बताया। लेकिन प्रशासन की अनदेखी के बीच ग्रामीणों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।
वीडियो आया तो अफसर ‘जागे’
यह कहानी सिर्फ सड़क की बदहाली की नहीं, बल्कि सिस्टम की नींद का सबूत भी है। वीडियो वायरल होने के बाद अफसर हरकत में आए और आश्वासन देने लगे—“पानी निकाल देंगे।”
Pilibhit Viral Video: गोपाल सिंह का कहना है—
“पानी निकालने के लिए इंजन की व्यवस्था मैंने खुद की है। ग्राम सचिव ने कहा कि डीजल वे देंगे। अब खंड विकास अधिकारी का कहना है कि कच्चे रास्ते पर रोड़े डाल देंगे।”
यानी सड़क बनाने के नाम पर अब ‘रोड़ेबाज़ी’ शुरू हो चुकी है।
जनता के भरोसे में कीचड़
यह पूरा मामला एक बार फिर साबित करता है कि ग्रामीण इलाकों में सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं अब भी ‘विकास’ के वादों में ही फंसी हैं। और जब तक कोई वीडियो वायरल न हो, तब तक अधिकारियों के कानों में पानी नहीं भरता—भले ही गांव के रास्ते में पानी भरा हो या नहीं।
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