Pilibhit: विकास पर ताला! नगर पालिका बोर्ड बैठक राजनीति की भेंट चढ़ी
Pilibhit: नगर पालिका की बजट बैठक ठप—मंत्री प्रतिनिधि के बहानेबाज़ी खेल से शहर के विकास पर लगा ब्रेक
पीलीभीत नगर पालिका परिषद की गुरुवार को होने वाली बहुप्रतीक्षित बोर्ड बैठक, जो शहर के बजट और विकास कार्यों के फैसलों के लिए बेहद अहम थी, राजनीतिक खेल और बहानेबाज़ी की भेंट चढ़ गई। बैठक शुरू होने से पहले ही राज्य मंत्री के प्रतिनिधि ने कोरम पर सवाल उठाकर पूरे एजेंडे को ठप कर दिया, जबकि चुने हुए सभासद और जनता के प्रतिनिधि बैठक कक्ष में मौजूद थे। 27 में से 13 सदस्य हाज़िर थे, बाकी 14—जिनमें मंत्री का प्रतिनिधि भी शामिल था—जानबूझकर बाहर खड़े रहे, मानो शहर के विकास की रफ़्तार रोकना ही उनका मकसद हो। पालिका अध्यक्ष का साफ आरोप है कि यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया ताकि बजट पास न हो सके और जनहित के कामों पर ताला लग जाए। नियमावली का हवाला देकर बैठक स्थगित कर दी गई, और अगली तारीख 18 अगस्त तय हुई, लेकिन सवाल अब यह है कि क्या यह बैठक भी राजनीति के इस गंदे खेल का शिकार बनेगी या जनता के हक़ में कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा?
Pilibhit:बैठक शुरू होने से पहले माहौल
नगर पालिका परिषद कार्यालय में शाम को अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी की मौजूदगी में बोर्ड बैठक शुरू होनी थी। इस दौरान 27 में से 13 सभासद बैठक कक्ष में मौजूद थे, जबकि 14 सभासद और मंत्री के प्रतिनिधि बाहर ही खड़े रहे। बैठक आरंभ होने से पहले मंत्री प्रतिनिधि ने सवाल उठाया कि कोरम पूरा है या नहीं, जिससे बैठक का स्वरूप ही बदल गया।
Pilibhit:कोरम की गिनती और विवाद
बैठक सदसदों की गिनती की गई—13 सदस्य उपस्थित पाए गए, लेकिन फिर भी यह घोषणा की गई कि यह संख्या पर्याप्त नहीं है। प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि ऐसा होने पर बैठक आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। इस निर्णय ने उपस्थित सदसदों और पालिका अध्यक्ष में आपसी टकराव की स्थिति पैदा कर दी।
अध्यक्ष का तर्क और प्रतिक्रिया
पालिका अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में अगर बैठक ही नहीं कराई जाएगी, तो शहर के विकास कार्य ठप हो जायेंगे, और जनता का हक प्रभावित होगा। उनका यह कहना था कि बजट की बैठक न होने पर अगले कार्यों पर भी असर पड़ेगा।
Pilibhit:नियमावली और बैठक का स्थगन
पालिका अध्यक्ष द्वारा नियमावली की मांग की गई, जिससे बोर्ड लिपिक ने यह स्पष्ट किया कि कोरम पूरा नहीं होने पर बैठक नहीं की जा सकती। इस पर मुहर लगते ही बैठक स्थगित कर दी गई। साथ ही, बैठक की अगली तिथि—18 अगस्त, दोपहर 3:00 बजे—निर्धारित की गई।
Pilibhit: विवादित ठहराव का संकेत
मंच छोड़ने के बाद भी, मंत्री प्रतिनिधि और कुछ सभासद बोर्ड कक्ष के बाहर लंबे समय तक खड़े रहे। इससे पालिका अध्यक्ष ने यह निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि शहर के विकास को जानबूझकर रोका जा रहा है।
यह मामला स्पष्ट करता है कि प्रक्रिया, राजनीति और विकास के बीच जबरदस्त टकराव हो सकता है। अगर बजट की बैठक तक पहुंचना ही चुनौती बन जाए, तो लोकतंत्र और प्रशासन की सुचारु प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। अब नजरें इस पर हैं कि क्या तय तारीख—18 अगस्त को बैठक संपन्न होगी, और क्या विकास कार्यों पर रोड़ा नहीं बनेगा।
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