पीलीभीत में उद्योग बन्धु बैठक, निवेश, सड़क, बिजली पर समीक्षा
पीलीभीत में उद्योग बन्धु बैठक, जिलाधिकारी ने निवेश मित्र पोर्टल, एमओयू परियोजनाएं, नाला निर्माण, बिजली आपूर्ति, अप्रेंटिसशिप,युवा उद्यमी योजना पर समीक्षा की।
पीलीभीत में उद्योग बन्धु बैठक, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बड़ी प्रशासनिक बैठक
पीलीभीत के गांधी सभागार में जिलाधिकारी श्री ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें उद्योग बन्धु समिति, निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा एवं व्यापार बन्धु समिति से जुड़े विषयों पर बिंदुवार चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा विभागवार समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों में लंबित आवेदनों पर सख्त नाराजगी जताई गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो भी निवेशक या उद्योग लगाने वाले आवेदन लम्बित हैं, उनका त्वरित समाधान कराना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विभागवार लंबित मामलों पर सख्ती, निस्तारण के दिए निर्देश
निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई विभागों में आवेदन पत्र समयसीमा के भीतर निस्तारित नहीं किए गए हैं। इसमें श्रम प्रवर्तन विभाग में 10, कृषि विभाग में 03, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 11, राजस्व विभाग में 17, अग्निशमन में 02, यूपी विद्युत परिषद में 01, वाटमाप में 01, रजिस्ट्रार फर्म सोसाइटी और चिट्स में 04 तथा आबकारी विभाग में 01 आवेदन लंबित मिले। जिलाधिकारी ने इन विभागों के प्रमुखों को फौरन इन आवेदनों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि निवेशकों को जमीनी स्तर पर किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
पीलीभीत में उद्योग बन्धु बैठक, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के एमओयू की समीक्षा, 229 परियोजनाएं शेष
एमओयू की समीक्षा के दौरान बैठक में जानकारी दी गई कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के अंतर्गत जनपद पीलीभीत में कुल 273 निवेश प्रस्तावों (इकाइयों) पर एमओयू हस्ताक्षरित हुए थे। इनमें से 45 प्रस्तावों को समयबद्ध कार्रवाई न होने के कारण निरस्त कर पोर्टल से हटाने की कार्यवाही की जा चुकी है। फिलहाल 229 एमओयू प्रस्ताव शेष हैं, जिनमें से 28 इकाइयाँ वर्तमान में उत्पादनरत हैं। जिलाधिकारी ने इस दिशा में काम कर रहे अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष प्रस्तावों को भी जल्द धरातल पर उतारा जाए और उनसे जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाए।
पीलीभीत में उद्योग बन्धु बैठक, भरा पचपेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक में भरा पचपेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि यहाँ कार्यदायी संस्था द्वारा सड़क, नाला, साइन बोर्ड, पार्क, वाटर टैंक और एसटीपी टैंक का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन सभी कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ, तय समयसीमा में पूरा किया जाए। औद्योगिक वातावरण को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
एप्रोच रोड, पानी निकासी, बिजली और ऋण की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा
बैठक में विभिन्न उद्योगपतियों और व्यापारियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। एवी मौर्य कंपनी के प्रतिनिधि ने एप्रोच रोड की समस्या बताई, जिस पर यूपीसीडा के प्रतिनिधि ने बताया कि कार्य पूर्ण किया जा चुका है और चौड़ीकरण भी तेजी से किया जा रहा है। अश्वनी अग्रवाल ने राइस मिल क्षेत्र में जलभराव की समस्या उठाई। जिलाधिकारी ने लो0नि0वि0 और एनएचएआई से समन्वय कर नाला निर्माण की लागत रिपोर्ट तैयार करने और कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
शिशिक्षुता प्रोत्साहन योजना में लक्ष्य प्राप्ति की रणनीति
आईटीआई प्रधानाचार्य ने बैठक में जानकारी दी कि शासन द्वारा अप्रेंटिसशिप योजना के अंतर्गत 300 प्रशिक्षुओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक केवल 52 प्रशिक्षुओं को विभिन्न उद्योगों में रखा जा सका है। जिलाधिकारी ने इस पर चिंता जताई और निर्देश दिया कि लक्ष्य की पूर्ति हेतु कार्य में तेजी लाई जाए, जिससे युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार का बेहतर अवसर मिल सके।
पीलीभीत में उद्योग बन्धु बैठक, मुख्यमंत्री उद्यमी युवा विकास अभियान की गहन समीक्षा
इस योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 2488 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2144 को बैंकों को प्रेषित किया जा चुका है। 383 आवेदनों को स्वीकृति मिली है और 338 आवेदनों में ऋण वितरित किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस योजना को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाए और एलडीएम से समन्वय कर सभी लंबित मामलों को निपटाया जाए।
वाणिज्य बन्धु समिति बैठक में उठीं जमीनी समस्याएं
व्यापारी अर्जुन सिंह टहलानी ने रंगीलाल-जमनी रोड पर बने गड्ढों की समस्या उठाई। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि मरम्मत कार्य की योजना बन चुकी है और स्वीकृति उपरांत काम शुरू हो जाएगा। जेपी रोड से इमली चौराहे तक अतिक्रमण की समस्या पर जिलाधिकारी ने विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
बिजली, जलनिकासी और सड़क के जर्जर ढांचे की उठी आवाज
डिग्री कॉलेज चौराहा, छतरी चौराहा और रोडवेज के पास नालों की कनेक्टिविटी खराब होने की जानकारी दी गई। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि डिग्री कॉलेज और छतरी चौराहे पर कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जबकि रोडवेज के पास बिजली का खंभा हटने के बाद काम शुरू हो जाएगा। साथ ही शहर में जर्जर खंभों को बदलने के लिए विद्युत विभाग ने शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक संकल्प: निवेशकों और व्यापारियों को देंगे भरोसेमंद वातावरण
बैठक का मूल उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर निवेश मित्र, उद्योग मित्र, युवा मित्र और व्यापारी मित्र की भूमिका को ज़मीन पर उतारना था। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित और उद्योगहित में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी योजनाओं का लाभ जनता तक शीघ्र पहुंचे, इसके लिए जवाबदेही तय की जाएगी।
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