Pilibhit: सड़क हादसे में दो कपड़ा व्यापारियों की मौत, एक गंभीर घायल
दर्दनाक सड़क हादसा: Pilibhit के दो कपड़ा व्यापारियों की मौत, एक गंभीर घायल
शाहजहाँपुर जिले के खुटार थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग 730 पर लौंगापुर जंगल के पास तेज़ रफ़्तार से दौड़ते एक अज्ञात वाहन ने सामने जा रही कार को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में पीलीभीत के दो कपड़ा व्यापारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
Pilibhit:कपड़ा बेचने लखीमपुर जा रहे थे व्यापारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीलीभीत के करीमगंज मोहल्ला निवासी कपड़ा व्यापारी मोहम्मद इरशाद और कलीम रजा अपने चालक नवी अहमद के साथ सुबह कार से लखीमपुर जा रहे थे। तीनों का उद्देश्य कपड़ा बेचने का था। जैसे ही उनकी कार लौंगापुर जंगल के पास पहुँची, पीछे से तेज़ रफ़्तार में आ रहे एक अज्ञात वाहन ने कार को जोरदार टक्कर मार दी।
Pilibhit:मौके पर दो की मौत, एक गंभीर घायल
भयानक टक्कर के कारण कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग बुरी तरह फँस गए। राहगीरों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक कलीम रजा और चालक नवी अहमद की मौत हो चुकी थी। वहीं, मोहम्मद इरशाद गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत नाज़ुक बताई जा रही है।
Pilibhit:पुलिस की जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही खुटार थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक आरके रावत ने बताया कि हादसा किस वाहन से हुआ है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान हो सके।
Pilibhit:परिजनों में कोहराम
इस दर्दनाक हादसे की खबर पीलीभीत पहुँचते ही व्यापारियों के परिवारों में कोहराम मच गया। कलीम रजा और नवी अहमद की मौत की सूचना सुनकर उनके घरों में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं मोहम्मद इरशाद के लिए पूरा परिवार और परिचित दुआएँ कर रहे हैं।
Pilibhit:लापरवाह रफ़्तार और सड़क हादसे
ये हादसा तेज़ रफ़्तार और लापरवाह ड्राइविंग के खतरों को सामने लाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे हादसों ने यातायात सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन ऐसी घटनाएँ निर्दोष लोगों की जान ले रही हैं। प्रशासन भले ही नियम और चेतावनियाँ देता है, लेकिन सड़क पर रफ़्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा।