पीलीभीत में प्रशासन की कड़ी चेतावनी: 12 सितंबर तक हथियार-जुलूस पर सख्त रुख

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पीलीभीत में प्रशासन की कड़ी चेतावनी: पीलीभीत प्रशासन ने 12 सितंबर तक हथियार और जुलूस पर सख्ती बरती। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।

पीलीभीत में प्रशासन की कड़ी चेतावनी: पीलीभीत प्रशासन ने 12 सितंबर तक हथियार और जुलूस पर सख्ती बरती। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।

पीलीभीत में प्रशासन की सख्त चेतावनी: 12 सितंबर तक कर्फ्यू जैसे हालात, धारा 163 लागू

कांवड़ यात्रा से लेकर ईद, रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस तक हर आयोजन पर कड़ी निगरानी

जनपद पीलीभीत में प्रशासन ने माहौल बिगाड़ने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए पूरे जिले में 17 जुलाई से 12 सितंबर 2025 तक धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) लागू कर दी है। अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) ऋतु पूनिया ने साफ कह दिया है कि इन दो महीनों के दौरान कोई भी अराजक तत्व या असामाजिक संगठन कानून तोड़ने की जुर्रत करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

कांवड़ यात्रा से लेकर ईद तक, हर उत्सव पर सख्त पहरा

आगामी दिनों में कांवड़ यात्रा, रक्षा बंधन, स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी, ईद-ए-मिलाद, चेहल्लुम जैसे बड़े आयोजन और प्रतियोगी परीक्षाएं होने वाली हैं। प्रशासन को इन दिनों अराजक तत्वों की साजिशों की जानकारी मिली है, जो जातियों, सम्प्रदायों और आम जनता के बीच नफरत फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने पूरे जिले को “अत्यधिक संवेदनशील” घोषित करते हुए सख्ती का ऐलान किया है।

लाठी, डंडा, बंदूक, तलवार – सब पर पाबंदी

अब कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, डंडा, बंदूक, पिस्टल, तलवार या 4 इंच से बड़ा चाकू लेकर नहीं चल सकेगा। सिर्फ सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और धार्मिक कारणों से कृपाण लेकर चलने वाले सिखों को छूट दी गई है। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

बिना अनुमति भीड़, जुलूस और पोस्टरबाजी पर रोक

पांच से अधिक लोगों का बिना अनुमति इकट्ठा होना, जुलूस, जनसभा, लाउडस्पीकर, पोस्टरबाजी या भड़काऊ भाषण देना – सब पर सीधा प्रतिबंध है। यहां तक कि कोई भी व्यक्ति अफवाह फैलाने या किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करेगा, तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा।

ड्रोन, तेज आवाज और हुड़दंग पर सीधी मनाही

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर, पटाखे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी चिकित्सालय, शैक्षिक संस्थान और न्यायालय के 100 मीटर के दायरे में ध्वनि प्रदूषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना भी अपराध होगा।

सड़क पर हुड़दंग, नशे में उत्पात और संपत्ति को नुकसान – सीधे जेल

कोई भी युवक मोटरसाइकिल पर हुड़दंग करेगा, नशे में सड़क पर घूमेगा या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा तो भारतीय न्यायिक संहिता की धारा 223 के तहत सख्त सजा मिलेगी। बिना मकान मालिक की अनुमति पोस्टर, बैनर, होर्डिंग लगाने वालों पर भी कार्रवाई होगी।

प्रशासन का दो टूक संदेश – “कानून तोड़ा तो अंजाम भुगतोगे”

अपर जिलाधिकारी ऋतु पूनिया ने कहा है –
“यह आदेश जिले की शांति और सुरक्षा के लिए है। कोई भी व्यक्ति कानून तोड़कर समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करेगा तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। किसी को भी भीड़, हथियार, लाउडस्पीकर या ड्रोन का दुरुपयोग करने की इजाजत नहीं है। कानून तोड़ने वाले को राहत नहीं मिलेगी।”

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