PILIBHIT: पुलिस कस्टडी से फरार युवक मामले में ASP का सख्त रुख, जानिए किस पर गिर सकती है गाज
थाना बरखेड़ा में पुलिस हिरासत से आरोपी का फरार होना—सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
PILIBHIT: पुलिस हिरासत में लापरवाही का चौंकाने वाला मामला
पीलीभीत जिले के थाना बरखेड़ा में घटी एक घटना ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया। एक लड़की की गुमशुदगी के मामले में पकड़ा गया आरोपी सुहेल, पुलिस हिरासत से उस समय फरार होने की कोशिश कर बैठा, जब उसे पूछताछ के दौरान टॉयलेट जाने की अनुमति दी गई। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम थाना परिसर में मौजूद सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया और बाद में सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।
PILIBHIT: टॉयलेट का बहाना बनाकर फरार आरोपी
घटना के अनुसार, आरोपी सुहेल को एक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी के मामले में हिरासत में लेकर थाने लाया गया था। पूछताछ के दौरान उसने पुलिसकर्मियों से टॉयलेट जाने का बहाना किया। इसी दौरान, जैसे ही उसे मौका मिला, वह भाग खड़ा हुआ और थाने से बाहर निकलकर कस्बे की तंग गलियों की ओर दौड़ पड़ा। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि सुहेल गलियों में दौड़ते हुए बचने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसके पीछे कई पुलिसकर्मी दौड़ लगा रहे हैं।
PILIBHIT: सफाई कर्मियों की कोशिश भी नाकाम
भागते हुए आरोपी को देखकर क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मियों ने भी उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसकी तेज़ रफ्तार और अचानक दिशा बदलने की रणनीति के कारण वह उनके हाथ नहीं लग सका। इस बीच, पुलिस ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी करते हुए नाकेबंदी कर दी। थाने से लेकर मुख्य सड़कों और गलियों तक पुलिस की गश्ती टीमें सक्रिय हो गईं। आस-पास के इलाकों में घर-घर तलाशी ली गई और दुकानों पर भी नजर रखी गई।
PILIBHIT: कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तारी
करीब कुछ घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस को सफलता मिली और आरोपी को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। थाना प्रभारी प्रदीप बिश्नोई ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी पूछताछ के दौरान टॉयलेट का बहाना कर निकला था , लेकिन उसे जल्द ही पकड़ लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के बाद थाने की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और कड़ा किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना पुलिस की लापरवाही का परिणाम है। उनका तर्क है कि जब कोई आरोपी पुलिस हिरासत में हो, खासकर गंभीर मामले में, तो उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जानी चाहिए। सिर्फ एक टॉयलेट जाने के बहाने पर उसे बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के छोड़ना, पुलिस की सतर्कता पर सवाल उठाता है। कई लोगों ने यह भी कहा कि अगर आरोपी पुलिस की पकड़ से बचकर दूर तक निकल जाता, तो मामला और गंभीर हो सकता था।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई—एएसपी की चेतावनी
अपर पुलिस अधीक्षक, पीलीभीत ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि थाना बरखेड़ा पर दर्ज अभियोग में नामित अभियुक्त ने फरार होने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे तुरंत ही दबोच लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई तेज़ी से की जा रही है। साथ ही, एएसपी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस मामले में जिन भी पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह बयान न केवल पुलिस की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि इस तरह की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
सुरक्षा प्रोटोकॉल पर फिर छिड़ी बहस
इस पूरी घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में सुरक्षा प्रोटोकॉल की मजबूती पर बहस छेड़ दी है। जबकि पुलिस ने आरोपी को दोबारा पकड़कर अपनी त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया, लेकिन यह भी सच है कि थोड़ी-सी ढिलाई बड़े खतरे में बदल सकती थी। यह घटना पुलिस विभाग के लिए एक चेतावनी है कि हिरासत में रखे गए आरोपियों की सुरक्षा और निगरानी में किसी भी प्रकार की चूक, कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
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