Pilibhit: मिनिस्ट्रियल संघ ने ली शपथ, डीएम का खास संदेश!
Pilibhit: मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट संघ का शपथ समारोह, जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को दिलाई कर्तव्यनिष्ठा की शपथ
पीलीभीत। जिले में प्रशासनिक सक्रियता और जनसंपर्क की मिसाल पेश करते हुए आज उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट संघ का भव्य शपथ समारोह संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने इस अवसर पर संघ के नामित पदाधिकारियों को न केवल अपने पद की जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का पाठ पढ़ाया, बल्कि उन्हें ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ भी दिलाई। यह आयोजन केवल एक औपचारिक समारोह नहीं था, बल्कि पीलीभीत जिले में प्रशासन और कर्मचारियों के बीच सामंजस्य, जिम्मेदारी और उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने का प्रतीक भी बन गया।
संघ के पदाधिकारी और चुनाव प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट संघ के पदाधिकारियों का चुनाव 24 अगस्त को सम्पन्न किया गया था। आज के शपथ समारोह में संघ के नामित पदाधिकारी उपस्थित थे।
अध्यक्ष: छेदा लाल, वेतन लिपिक
जिला मंत्री: शोभित सक्सेना
वरिष्ठ उपाध्यक्ष: हेम गुप्ता
कनिष्ठ उपाध्यक्ष: नरेश वर्मा
संयुक्त मंत्री: संजीव कुमार सक्सेना
संगठन मंत्री: अतुल कुमार
कोषाध्यक्ष: प्रियांशु पांडे
संप्रेक्षक: शशिवाला
सांस्कृतिक/क्रीड़ा मंत्री: विवेक कुमार शर्मा
जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों से अवगत कराते हुए उन्हें पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने की शपथ दिलाई।
सम्मान और प्रतीकात्मक उपहार
शपथ दिलाने के पश्चात जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को शील्ड देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को जनपद की पहचान बांसुरी भेंट की, जिससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भी भर गया।
उपस्थित अधिकारियों की मौजूदगी से खुशनुमा हुआ माहौल
इस भव्य आयोजन में अपर जिलाधिकारी न्यायिक, नगर मजिस्ट्रेट, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। समारोह का माहौल न केवल औपचारिक था, बल्कि इसमें उत्साह, अनुशासन और प्रशासनिक जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट झलक रही थी।
पीलीभीत में आज का यह शपथ समारोह प्रशासन और कर्मचारियों के बीच सामंजस्य, उत्तरदायित्व और उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का प्रतीक बनकर सामने आया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा और महत्व को और बढ़ा दिया, जबकि संघ के पदाधिकारियों की प्रतिबद्धता ने यह संदेश दिया कि पीलीभीत में प्रशासनिक कार्य कुशलता और निष्ठा के साथ आगे बढ़ेगा।