Pilibhit: आबकारी टीम पर महिलाओं का हमला, उपनिरीक्षक की वर्दी फाड़ी
Pilibhit: बीसलपुर में आबकारी टीम पर महिलाओं का हमला, सरकारी कार्रवाई में बाधा
पीलीभीत। बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को आबकारी विभाग की टीम द्वारा अवैध शराब की जांच और बरामदगी के दौरान एक चौकाने वाली घटना सामने आई। ग्राम परानपुर जानपुर में सेल्समैन महेंद्र पाल उर्फ सुआलाल के घर पर छापेमारी के दौरान घर की महिलाओं ने सरकारी टीम के साथ हाथापाई और उत्पात मचाया। यह घटना सिर्फ कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारी पर सीधा हमला भी है, जो राज्य की कानून व्यवस्था और सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को चुनौती देती है।
Pilibhit: अवैध शराब की बरामदगी और छापेमारी
शनिवार को पीलीभीत के बीसलपुर क्षेत्र में आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम परानपुर जानपुर में सेल्समैन महेंद्र पाल उर्फ सुआलाल के घर पर छापेमारी की। टीम ने घर में रखे बर्तनों में कुल 21 पौवे देसी शराब और 295 रुपए नगद बरामद किए। बरामद शराब और नगद को सील करने के लिए टीम कार्रवाई में जुटी थी।
Pilibhit: घटना के दौरान उत्पात और विरोध
छापेमारी के दौरान घर की महिलाएं भड़क गईं और शोर मचाना शुरू कर दिया। उन्होंने गेट बंद करने का प्रयास किया, जिससे टीम की कार्यवाही बाधित हुई। महिलाओं ने जप्त माल छीनने और सरकारी कर्मचारियों की कार्रवाई में हस्तक्षेप करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने मोबाइल और वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरणों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास भी किया।
Pilibhit:पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर हमला
घटना में महिलाओं ने टीम के साथ शारीरिक संघर्ष भी किया। खासकर उपनिरीक्षक की वर्दी फाड़ने की जानकारी सामने आई, जो स्पष्ट रूप से सरकारी कर्मचारियों और कानून के प्रति आक्रामक प्रतिरोध का संकेत है। इस हमले ने छापेमारी टीम की सुरक्षा और सरकारी कार्रवाई की गंभीरता पर सीधा हमला किया।
घटना का विश्लेषण और कानून व्यवस्था पर प्रभाव
यह घटना केवल अवैध शराब की गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था और सरकारी अधिकारियों के कामकाज में बाधा डालने का गंभीर मामला है। स्थानीय महिलाओं द्वारा सरकारी टीम के साथ उत्पात करना यह दर्शाता है कि कुछ लोग कानून और प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करने के लिए भी तैयार हैं। घटना पीलीभीत जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की चुनौतियों को उजागर करती है।
सरकारी कार्रवाई और आगे की जांच
अभियान के दौरान आबकारी टीम ने जप्त माल सील कर दिया । पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को शांत कराया और हमले में शामिल लोगों के खिलाफ जांच शुरू की। आगे की जांच में यह निर्धारित किया जाएगा कि इस घटना में कितने लोग शामिल थे और किस प्रकार से सरकारी कामकाज में बाधा डाली गई। सरकार की सख्त नीति के तहत ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी या टीम पर हमला न हो।
बीसलपुर की यह घटना यह स्पष्ट संदेश देती है कि कानून के उल्लंघन और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी। आबकारी टीम ने संयम और सतर्कता से कार्यवाही पूरी की, जिससे यह साबित होता है कि कानून का पालन और सरकारी कार्रवाई हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।