Pilibhit: एक्शन में हजारा पुलिस, 7 आरोपी गिरफ्तार
Pilibhit में अपराधियों पर हजारा पुलिस का शिकंजा, 7 आरोपी गिरफ्तार, सभी को जेल
पीलीभीत। जिले में कानून और व्यवस्था की गंभीर चुनौती पेश करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा अभियान चलाया। थाना हजारा क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य उन अपराधियों को पकड़ना था, जो आपराधिक घटनाओं में लगातार शामिल रहे हैं और समाज में आतंक फैलाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने कानून का दृढ़ और सख्त हाथ दिखाते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी की और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार का गुंडाराज इलाके में कायम न रह सके।
पिछली हिंसा और मुकदमे का आधार
गिरफ्तारी अभियान का आधार 24 सितंबर 2025 को अशोकनगर क्षेत्र में हुई हिंसा थी। मृतक इरजीत सिंह के साथ मारपीट और ट्रैक्टर के नीचे कुचलने जैसी घटनाओं के बाद पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई की। घटना के बाद थाना हजारा में दर्ज की गई प्राथमिकी (म0अ0सं0 86/25) के तहत पुलिस ने अपराधियों की पहचान कर उन्हें तलाशी अभियान चलकर गिरफ्तार किया।
इस मामले में आरोपी अरलवंद यादव (27 वर्ष) के खिलाफ पहले से कई मुकदमे पंजीकृत हैं
धारा 147/148/323/324/504/506 भादवि, थाना हजारा, पीलीभीत
धारा 115(2)/352/351(2)/351(3) बीएनएस, थाना हजारा, पीलीभीत
धारा 504/505(2) भादवि, थाना सम्पूर्णागनगर, खीरी
पुलिस ने बताया कि आरोपी लगातार आपराधिक नेटवर्क के माध्यम से अन्य अपराधियों को उकसाने और भीड़ भड़काने का काम कर रहे थे।
Pilibhit: गिरफ्तारी अभियान का हाईलाइट
26 सितंबर 2025 को पुलिस टीम ने गुरुत्वाकर्षक योजना के तहत इलाके की घेराबंदी की और अपराधियों पर दबिश दी। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी हैं—
अरलवंद यादव, तेजबहादुर यादव पुत्र, 27 वर्ष, ग्राम सिद्धनगर, थाना हजारा
मेंहदी हसन, बसरुद्दीन पुत्र, 38 वर्ष
मोहम्मद हुसैन, बसरुद्दीन पुत्र, 30 वर्ष
हेमंत महेश्वरी, 31 वर्ष
पवन, 19 वर्ष
नाबालिग समीर, 16 वर्ष
नाबालिग सैफ अन्सारी, 16 वर्ष
आरोपियों को पकड़कर तत्काल न्यायिक हिरासत में भेजा गया। गिरफ्तारी के दौरान कई अपराध संबंधी साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं ।
Pilibhit: पुलिस टीम की रणनीति और कार्यवाही
अभियान में थाना हजारा की पूरी टीम सक्रिय रही। इसमें शामिल थे—
थानाध्यक्ष, थाना हजारा
इंस्पेक्टर ऋषि पाल
उपनिरीक्षक अशोक कुमार
कांस्टेबल धीरज मलिक
कांस्टेबल सोहनवीर
टीम ने बड़े स्तर की तैयारी और सतर्कता के साथ अभियान चलाया, जिससे किसी भी प्रकार का उग्र प्रतिरोध नहीं हो सका और अपराधियों को को सफलता पूर्वक पकड़ लिया गया।
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का संदेश
इस अभियान से यह साफ संदेश जाता है कि कानून के खिलाफ कोई भी अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो लोग हिंसा और गुंडागर्दी को बढ़ावा देते हैं, चाहे उनका प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, उन्हें न्याय के कठोर दायरे में लाया जाएगा।
हजारा पुलिस ने कहा कि यह अभियान सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। गिरफ्तार आरोपी और उनके सहयोगियों के खिलाफ पूरी जांच और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में कोई भी अपराधी कानून को चुनौती न दे सके।
आगे की जांच जारी
पुलिस अब आरोपी और उनके नेटवर्क के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मोबाइल फोन, संदिग्ध संपर्क और पूर्व अपराध रिकॉर्ड की जांच से यह पता लगाया जाएगा कि किसने अपराध को अंजाम देने के लिए इन आरोपियों को उकसाया।
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