Pilibhit: किसानों को बीज और उर्वरक 50% अनुदान पर मिलना शरू, जानिए तरीका
Pilibhit में रबी फसल 2025 की तैयारी, सरकार के 50% अनुदानित बीज और उर्वरक योजना से किसान भाई होंगे आत्मनिर्भर
पीलीभीत, 28 अक्टूबर 2025: जनपद के किसानों के लिए रबी 2025 की तैयारी अब पूरी गति से शुरू हो गई है। कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, बीज विकास निगम, नेशनल सीड कार्पोरेशन, कृभको और एचआईएलएल इंडिया की संयुक्त पहल से किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की योजना लागू कर दी गई है। यह कदम सिर्फ फसल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनपद में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस प्रशासनिक मंशा का प्रतीक है।
उपलब्ध बीज और उनकी मात्रा
जनपद में रबी की मुख्य फसलों के लिए बीजों की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित की गई है:
गेहूं: 19,700 क्विंटल
सरसों: 300 क्विंटल
मसूर: 61 क्विंटल
मटर: 60 क्विंटल
चना: 01 क्विंटल
तोरिया: 07 क्विंटल
किसानों से विशेष अनुरोध है कि वे अपने नजदीकी बिक्री केंद्रों से इन बीजों को 50 प्रतिशत अनुदान पर खरीदें और समय पर बुवाई करें, ताकि फसल का अधिकतम उत्पादन और गुणवत्तापूर्ण पैदावार सुनिश्चित हो सके। यह योजना किसानों को आर्थिक बोझ से मुक्त करने के साथ-साथ उनकी फसल सुरक्षा और लाभप्रदता को भी सुनिश्चित करती है।
उर्वरकों की भरपूर उपलब्धता
फसलों की गुणवत्तापूर्ण पैदावार के लिए उर्वरकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर दी गई है। जनपद में कुल उर्वरक उपलब्धता इस प्रकार है:
यूरिया: 37,230 मैट्रिक टन
डीएपी: 3,233 मैट्रिक टन
एनपीके: 7,113 मैट्रिक टन
एमओपी: 626 मैट्रिक टन
एसएसपी: 6,829 मैट्रिक टन
960 बिक्री केंद्रों और समस्त सहकारी समितियों पर फास्फेटिक उर्वरक और यूरिया की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराई गई है। प्रति एक एकड़ किसान फास्फेटिक उर्वरक की 01 बोरी और यूरिया की 03 बोरी क्रय कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज़ और सावधानियाँ
उर्वरक खरीदते समय किसान अपना आधार कार्ड और जमीन की खतौनी साथ लेकर जरूर जाएं। यदि किसी भी बिक्री केंद्र पर निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य वसूला जाता है, तो तुरंत जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कन्ट्रोल रूम नंबर 8936917430 पर प्रातः 10 बजे से सांय 5 बजे तक सूचित करें।
सरकार और प्रशासन की मंशा
इस पहल के माध्यम से सरकार न केवल किसानों को बीज और उर्वरक की सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, रबी फसल की पैदावार बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में भी मजबूत संदेश दे रही है। यह स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन किसानों के हित और कृषि विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
रबी 2025 के लिए यह बीज और उर्वरक योजना किसानों के लिए स्वर्णिम अवसर है। समय पर बीज क्रय और उर्वरक का प्रयोग कर किसान न केवल फसल उत्पादन बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर सकते हैं। इस योजना से यह सुनिश्चित होगा कि पीलीभीत का हर किसान आत्मनिर्भर बने और फसल सुरक्षा के साथ-साथ आय में भी वृद्धि करे।
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