Jaipur Saras Dairy ने सरस घी के 12 घंटे में ही घटाए दाम,क्यों ?
Jaipur Saras Dairy Saras Ghee Price 2025 Update
Jaipur Saras Dairy ने सरस घी के दाम 30 रुपए बढ़ाए, 12 घंटे में लिया फैसला वापस, पुराने रेट बहाल
राजस्थान की मशहूर Jaipur Saras Dairy ने सोमवार रात सरस घी के दामों में 30 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया, लेकिन महज 12 घंटे बाद ही इस निर्णय पर यू-टर्न ले लिया। उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर यह रही कि बढ़े हुए दामों को वापस लेते हुए अब सरस घी, बटर, पनीर और फ्लेवर्ड मिल्क के दाम पहले जैसे ही रहेंगे।
सरस घी की कीमतों में उतार-चढ़ाव
राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ने पहले सरस घी के दाम 588 रुपए से घटाकर 551 रुपए प्रति लीटर कर दिए थे। यह कमी केंद्र सरकार द्वारा दूध उत्पादों पर जीएसटी दरें घटाने के बाद की गई थी। लेकिन एक महीने के भीतर ही घी की कीमतों में 30 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि का फैसला लेकर उपभोक्ताओं को चौंका दिया गया।
जीएसटी दरों में बदलाव के बाद सरस डेयरी का कदम
22 सितंबर को केंद्र सरकार ने दूध से बने उत्पादों पर जीएसटी दरें 12% से घटाकर 5% कीं, और जिन उत्पादों पर पहले से 5% जीएसटी था, उन्हें शून्य कर दिया। इसी फैसले के बाद Jaipur Saras Dairy ने ‘जीएसटी उत्सव’ मनाते हुए घी के दामों में 37 रुपए तक की कमी की थी।
मात्र 12 घंटे में लिया गया यू-टर्न
कीमतें बढ़ाने का निर्णय सोमवार रात लिया गया, लेकिन उपभोक्ताओं और बाजार की प्रतिक्रिया को देखते हुए डेयरी प्रबंधन ने 12 घंटे के भीतर ही इस निर्णय को वापस ले लिया। अब सरस घी, पनीर, बटर, टेट्रा पैक दूध और फ्लेवर्ड मिल्क पुराने दामों पर ही उपलब्ध रहेंगे।
उपभोक्ताओं को राहत और बाजार पर असर
सरस घी के दाम स्थिर रहने से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। डेयरी उत्पादों की कीमतों में बार-बार उतार-चढ़ाव का असर न केवल खुदरा बाजार पर बल्कि थोक व्यापारियों की खरीद रणनीति पर भी पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि Jaipur Saras Dairy का यह निर्णय उपभोक्ता विश्वास बनाए रखने में सहायक होगा।
जीएसटी राहत से डेयरी सेक्टर में उम्मीदें
केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में की गई कटौती से डेयरी सेक्टर को काफी राहत मिली है। उत्पादन लागत घटने से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में डेयरी उत्पादों के दाम स्थिर रहेंगे और उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
Jaipur Saras Dairy का यह त्वरित निर्णय उपभोक्ता-हित में लिया गया कदम माना जा रहा है। बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को फिलहाल राहत मिली है, जबकि बाजार में स्थिरता बनाए रखने की दिशा में यह एक सकारात्मक संकेत है।
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