Pilibhit: बाढ़ राहत सामिग्री के वितरण पर बवाल, ग्रामीण-नेता हिरासत में। SDM बोले- पंचायत चुनाव नजदीक, वोट साधने की कोशिश।
Pilibhit में बाढ़ राहत को लेकर बवाल: तहसील में धरना-प्रदर्शन, SDM की कार्रवाई और बयान से मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील में मंगलवार को बाढ़ राहत सामग्री के वितरण को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने एसडीएम की गाड़ी रोक दी, जिससे हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। एसडीएम ने इसे सरकारी कार्य में बाधा मानते हुए पुलिस को बुलाया और प्रदर्शन कर रहे तीन ग्रामीणों समेत करणी सेना के एक स्थानीय नेता को हिरासत में ले लिया।
Pilibhit:बाढ़ राहत वितरण पर भेदभाव का आरोप
पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश और नदियों के उफान से बीसलपुर तहसील के कई गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन राहत सामग्री के वितरण में पारदर्शिता नहीं बरत रहा। कई गांवों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि कुछ चुनिंदा इलाकों में ही सामग्री पहुंच रही है। इसी से आक्रोशित मंगलवार सुबह ग्रामीण बड़ी संख्या में तहसील परिसर पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
Pilibhit:SDM की गाड़ी रोकी, अफसर हुए नाराज़
धरना प्रदर्शन की सूचना पर जब एसडीएम मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। इस दौरान ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना था कि बाढ़ राहत में राजनीति और पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, गाड़ी रोके जाने पर एसडीएम नाराज़ हो गए और इसे सरकारी कार्य में बाधा बताया।
Pilibhit:ग्रामीणों का आरोप तीन लोगों को हिरासत में लिया गया
ग्रामीणों ने कमरे पर बताया की तीन ग्रामीणों और करणी सेना के एक नेता को हिरासत में ले लिया गया है । इस कार्रवाई के बाद ग्रामीण और उग्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और कुछ ही देर में तहसील परिसर का माहौल शांत कराया। प्रशासन की लापरवाही और पक्षपात की वजह से वास्तविक बाढ़ पीड़ितों को कोई मदद नहीं मिल पा रही। कई परिवारों को आज तक कोई राहत सामग्री नहीं मिली है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह निराधार हैं और मदद हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाई जा रही है।
Pilibhit:एसडीएम बीसलपुर का बयान
बीसलपुर के एसडीएम ने इस पूरे विवाद पर कहा कि राहत सामग्री बांटने में प्रशासन ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। अगर किसी पात्र परिवार को अभी तक मदद नहीं मिल पाई है, तो उसे हर हाल में राहत उपलब्ध कराई जाएगी और इसके लिए जांच भी कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत चुनाव नजदीक हैं और कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए इस तरह के प्रदर्शनों का सहारा ले रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि “किसी भी ग्रामीण या नेता को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही हिरासत में लिया गया, यह केवल अफवाह है।”
माहौल तनावपूर्ण लेकिन काबू में
पुलिस की कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में कुछ देर अफरा-तफरी माहौल बना रहा, लेकिन हालात तुरंत ही काबू में कर लिए गए। हालांकि ग्रामीणों का आक्रोश अब भी बरकरार है और वे बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
बीसलपुर तहसील का यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और ग्रामीणों के असंतोष दोनों की तस्वीर पेश करता है। एक ओर ग्रामीण राहत वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन अपनी पारदर्शिता और ईमानदारी पर जोर देता है। इस पूरे विवाद ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आपदा की घड़ी में पीड़ितों तक मदद किस हद तक सही और निष्पक्ष तरीके से पहुंच रही है। यह अब जांच में ही सामने आ पायेगा.
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