पीलीभीत प्रशासन अलर्ट: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत की सभी सुविधाएँ अब घर-घर तक

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पीलीभीत प्रशासन अलर्ट: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब राहत की सभी सुविधाएँ घर-घर तक पहुँचाई जा रही हैं। भोजन, दवा, आश्रय और मुआवज़ा सीधे पीड़ितों को मिलेगा।

पीलीभीत प्रशासन अलर्ट: बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार राहत और बचाव कार्य जारी

पीलीभीत प्रशासन अलर्ट: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब राहत की सभी सुविधाएँ घर-घर तक पहुँचाई जा रही हैं। भोजन, दवा, आश्रय और मुआवज़ा सीधे पीड़ितों को मिलेगा।

पीलीभीत ज़िले में बीते दिनों आई बाढ़ और भारी बारिश से हालात बिगड़े, लेकिन अब धीरे-धीरे पानी का स्तर कम हो रहा है और प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुँचाने में जुटा है। ज़िला अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पीलीभीत की जनता को घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि प्रशासन दिन-रात हालात पर नज़र रखे हुए है और हर संभव मदद के लिए तैयार है।

पीलीभीत प्रशासन अलर्ट: कालीनगर क्षेत्र में पानी घटा

डीएम ने बताया कि अब तक पीलीभीत के काली नगर क्षेत्र के 25 गांव बाढ़ से प्रभावित थे। हालांकि अब वहाँ जल स्तर कम होने लगा है, जिससे हालात कुछ बेहतर हुए हैं।

 प्रशासन पहुँचा रहा है भोजन और राहत सामग्री

ट्रांस शारदा क्षेत्र में प्रशासन की तीन टीमें लगातार प्रभावित लोगों को भोजन पहुँचा रही हैं।

पीलीभीत ज़िले में 2500 राहत किट पहुँची हैं, जिनमें परिवारों के लिए ज़रूरी खाद्य सामग्री शामिल है। इनका वितरण आज से शुरू कर दिया गया है।

तहसील सदर में तीन सामुदायिक रसोईघर (कम्युनिटी किचन) चल रहे हैं, जहाँ से भोजन तैयार कर बाढ़ पीड़ितों तक पहुँचाया जा रहा है।

पीलीभीत प्रशासन अलर्ट: स्वास्थ्य सेवाएँ भी जारी

सीएमओ की अगुवाई में मेडिकल टीम प्रभावित गांवों में लगातार तैनात है।

गाँव-गाँव जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को जागरूक कर रही हैं।

जहां पानी भरा हुआ है, वहाँ मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि बीमारियाँ फैलने से रोकी जा सकें।

पीलीभीत प्रशासन अलर्ट:  सामाजिक संस्थाएँ भी आगे आईं

प्रशासन ने स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की, जिस पर अमरिया तहसील में कई संगठन आगे आए और लोगों को त्रिपाल, खाना और अन्य ज़रूरी सामान उपलब्ध कराया।

पीलीभीत प्रशासन अलर्ट: बीसलपुर में हालात पर विशेष नज़र

इस समय काली नगर और पूरनपुर तहसील में पानी का असर कम है, लेकिन बीसलपुर तहसील में इसका सबसे ज़्यादा प्रभाव देखा जा रहा है।

यहाँ हालात पर नियंत्रण के लिए एडीएम ऋतु पुनिया को पूरी ज़िम्मेदारी दी गई है।

एसडीएम और प्रशासनिक अधिकारी लगातार गाँवों का दौरा कर भोजन और राहत सामग्री पहुँचा रहे हैं।

पशुओं की देखभाल भी जारी

प्रशासन ने सिर्फ़ लोगों ही नहीं बल्कि पशुओं के लिए भी इंतज़ाम किए हैं।

गौशालाओं के केयरटेकर के माध्यम से पशुओं को चारा उपलब्ध कराया जा रहा है।

भूसे का पर्याप्त भंडार प्रशासन के पास मौजूद है।

पीलीभीत प्रशासन अलर्ट: मकान और फसल का नुकसान – होगा मुआवज़ा

जिन किसानों की धान और अन्य फसलें बारिश व बाढ़ से नष्ट हो गई हैं, उनका सर्वे आपदा प्रबंधन टीम कर रही है।

मकान ढहने या अन्य नुकसान की स्थिति में नियमानुसार मुआवज़ा दिया जाएगा।

हाल ही में आकाशीय बिजली से जिनकी मृत्यु हुई थी, उनके परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी गई है।

पीलीभीत प्रशासन अलर्ट: नदियों की स्थिति और अलर्ट

शारदा नदी अभी स्थिर है और उसमें लगभग 2 लाख क्यूसेक पानी बह रहा है।

वहीं देवहा नदी से 51 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसका असर बीसलपुर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।

हाईवे पर पानी आने से थोड़ी दिक्कत हुई है, लेकिन टीमें मौके पर अलर्ट हैं।

प्रशासन का जनता से सीधा संवाद

डीएम ने जनता से अपील की है कि किसी भी स्थिति में घबराएँ नहीं और न अफवाहों पर ध्यान दें।

किसी भी समस्या की जानकारी सीधे डीएम, एडीएम, एसडीएम, बीडीओ, ग्राम प्रधान, सचिव या लेखपाल को दें।

प्रशासन 24 घंटे पूरी तरह अलर्ट है और हर संभव मदद के लिए तैयार है।

प्रशासन की अपील – “सुरक्षित रहें, संयम बनाए रखें”

डीएम ने भरोसा दिलाया है कि ज़िला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएँ और हर स्तर की सरकारी एजेंसियाँ मिलकर बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद कर रही हैं।
जनता से सबसे बड़ी अपील यही है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और धैर्य रखें, प्रशासन हर समय आपके साथ खड़ा है।

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