Pilibhit: किसान भाई ध्यान दें! 72 घंटे में दर्ज कराएं शिकायत – मिलेगा मुआवज़ा

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Pilibhit: बाढ़ और बारिश से धान की फसल बर्बाद? किसान भाई 72 घंटे में बीमा कम्पनी को शिकायत दर्ज कराएं, नियम अनुसार मिलेगा मुआवज़ा।

Pilibhit: धान फसल क्षति पर तुरंत करें शिकायत, 72 घंटे के भीतर दर्ज कराएं सूचना – मिलेगी बीमा से राहत

पीलीभीत जिले में लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा और बाढ़ ने खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान को भारी नुकसान पहुँचाया है। प्रशासन ने किसानों को आश्वस्त किया है कि यदि किसी किसान की बीमित फसल को बारिश या बाढ़ से क्षति पहुँची है, तो उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। समय पर सूचना देने पर उनकी भरपाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत की जाएगी।

Pilibhit:बीमा योजना के तहत कवर है धान की फसल

उप कृषि निदेशक, पीलीभीत ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित है। खरीफ मौसम में धान को ग्राम पंचायत स्तर तक अधिसूचित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत वे सभी किसान शामिल हैं जिन्होंने समय पर अपनी धान की फसल का बीमा कराया है।

Pilibhit:शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया

यदि किसी किसान की धान की फसल को अत्यधिक वर्षा या बाढ़ से नुकसान हुआ है, तो वे इस क्षति की सूचना 72 घंटे के भीतर दर्ज कराना सुनिश्चित करें। शिकायत दर्ज कराने के लिए किसान भाइयों को कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं:

भारत सरकार का टोल-फ्री नंबर: 14447

बीमा कम्पनी का जिला समन्वयक (इफको टोक्यो जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड): 8057747626

लिखित शिकायत जमा करने के स्थान:

राजकीय कृषि बीज भंडार

जिला कृषि अधिकारी कार्यालय

उप कृषि निदेशक कार्यालय

उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय

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Pilibhit:बीमा कंपनी करेगी नुकसान का आंकलन

सूचना प्राप्त होने के बाद बीमा कम्पनी द्वारा फसल क्षति का सर्वेक्षण और मूल्यांकन किया जाएगा। नियमों के अनुसार वास्तविक नुकसान का आंकलन कर किसानों को क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

जिले के 24,619 किसान होंगे लाभान्वित

खरीफ मौसम 2025 में पीलीभीत जिले के कुल 24,619 किसानों ने अपनी धान की फसल का बीमा कराया है। प्रशासन ने कहा है कि प्रत्येक बीमित किसान को यह सुनिश्चित करना होगा कि समय रहते वे क्षति की सूचना दर्ज कराएं, ताकि उन्हें योजना का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।

में यह खबर किसान भाइयों को जागरूक करने के उद्देश्य से लिखी गई है।क्योंकि प्रशासन ने साफ कहा है कि “बीमा योजना किसानों की सुरक्षा कवच है। ज़रूरी है कि किसान 72 घंटे के भीतर सूचना देकर अपने हक का दावा करें।”

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