Pilibhit: बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में पहुंची मेडिकल टीम, ग्रामीणों का निशुल्क इलाज

0
Pilibhit: पीलीभीत के बाढ़ग्रस्त गांवों में स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम पहुँची, ग्रामीणों का निशुल्क इलाज किया गया और बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया गया।

Pilibhit: बाढ़ प्रभावित रामनगर में सीएमओ की मौजूदगी में निशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर, ग्रामीणों को मिली राहत

पीलीभीत लगातार हो रही भारी बारिश और शारदा नदी के उफान ने पीलीभीत जनपद के ट्रांस शारदा क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, तो वहीं कुछ गांवों में पानी का जमाव और जलभराव से हालात गंभीर बने हुए हैं। इस बाढ़ की स्थिति ने न केवल लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ा दिया है। पानी में डूबी सड़कों और गंदगी के कारण बुखार, डायरिया, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी रोग तेजी से फैल रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित लोगों तक चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से निशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर आयोजित करने की योजना बनाई।

Pilibhit: सीएमओ की मौजूदगी में मेडिकल कैंप का आयोजन

बाढ़ग्रस्त ग्राम पंचायत रामनगर में आयोजित इस चिकित्सा शिविर का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आलोक कुमार ने किया। उनके साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरतपुर मौरेनियां गांधी नगर की प्रभारी महिला चिकित्सक डॉ. रश्मि श्रीवास्तव और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें मुफ्त दवाइयाँ वितरित की।

कैंप में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुँचे। इनमें अधिकांश लोग मौसमी बीमारियों—जैसे बुखार, पेट दर्द, दस्त, खाँसी-जुकाम और त्वचा रोग—से पीड़ित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी मरीजों की सावधानीपूर्वक जाँच की और उनकी बीमारियों के अनुसार दवाइयाँ वितरित कीं।

Pilibhit: मरीजों को दी गई स्वास्थ्य सलाह

डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को सावधान किया कि बाढ़ के पानी और गंदगी से सीधे संपर्क में आने से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में सिर्फ उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीना चाहिए, खानपान में साफ-सफाई बनाए रखनी चाहिए, मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए, और बाढ़ के पानी में ज्यादा समय नहीं बिताना चाहिए।

Pilibhit: सीएमओ ने बताया

सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि इस तरह के निशुल्क मेडिकल कैम्प का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों तक समय पर सही और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है। साथ ही इसका उद्देश्य यह भी है कि ग्रामीण स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हों और संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार ट्रांस शारदा क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त गांवों में मेडिकल कैंप आयोजित कर रही है ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को इलाज और दवा के लिए परेशानी न हो।

Pilibhit: प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता

इस चिकित्सा शिविर में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम सक्रिय रही। उन्होंने ग्रामीणों का ध्यान रखते हुए उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी दी और दवाइयाँ उपलब्ध कराई। सीएमओ और टीम की सतर्कता और तत्परता ने बाढ़ की त्रासदी झेल रहे लोगों को राहत पहुँचाई।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इस तरह के निशुल्क स्वास्थ्य शिविर न केवल प्रभावित लोगों की तत्काल चिकित्सा जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करते हैं। यह पहल बाढ़ की आपदा में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय और लोगों की सेवा की भावना को उजागर करती है। ग्रामीणों के लिए ऐसे शिविर आशा और राहत की किरण साबित हो रहे हैं, जिससे उनकी जीवन रक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।

Pilibhit: बाढ़ का कहर, पीड़ितों के साथ खड़ा प्रशासन

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading