Gujarat: पावागढ़ शक्तिपीठ पर रोपवे हादसा, 6 की मौत
Gujarat: पावागढ़ शक्तिपीठ पर रोपवे हादसा, छह की मौत से मचा हाहाकार
पंचमहाल, गुजरात के पंचमहाल जिले में स्थित प्रसिद्ध पावागढ़ शक्तिपीठ में शनिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा घटित हुआ। शक्तिपीठ तक सामान पहुँचाने वाले मालवाहक रोपवे की केबल अचानक टूट जाने से छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
Gujarat:हादसे का घटनाक्रम
शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पावागढ़ की पहाड़ी पर चढ़ाई के लिए इस्तेमाल होने वाले मालवाहक रोपवे की केबल टूट गई। इससे जुड़ी ट्रॉली सीधे नीचे गिर पड़ी। ट्रॉली में काम कर रहे मजदूर और ऑपरेटर उसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना भयानक था कि ट्रॉली गिरते ही चार लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
Gujarat:मृतक और प्रभावित
इस हादसे में कुल छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में दो रोपवे ऑपरेटर, दो मजदूर और दो अन्य स्थानीय सहायक बताए जा रहे हैं। हादसे के तुरंत बाद पुलिस और राहत दल मौके पर पहुँचे और शवों को ट्रॉली के मलबे से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
Gujarat:राहत और बचाव अभियान
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीमों ने घटनास्थल पर पहुँचकर बचाव कार्य शुरू किया। रोपवे के टूटे हिस्सों को सुरक्षित करने और आसपास मौजूद लोगों को हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने घटना की विस्तृत जाँच के आदेश दिए हैं और तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम बनाई गई है।
Gujarat:तकनीकी खामी या लापरवाही?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह रोपवे केवल सामान ढोने के लिए उपयोग किया जाता था और यात्रियों के लिए अलग से सुविधा उपलब्ध है। सवाल यह उठता है कि इतनी ऊँचाई पर चलने वाली मशीनरी का नियमित परीक्षण और रखरखाव कितनी गंभीरता से किया गया था। करीब दो दशक पहले भी पावागढ़ में रोपवे से जुड़ा एक हादसा हो चुका है। ऐसे में यह घटना सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पावागढ़ शक्तिपीठ माँ काली को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र धाम है। यहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सामान की आपूर्ति के लिए रोपवे का निर्माण किया गया था। हादसे के बाद न केवल स्थानीय लोगों में गुस्सा है, बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं में भी भय का माहौल बन गया है।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत सहायता देने का आश्वासन दिया है। तकनीकी समिति इस घटना की जाँच कर रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।