Pilibhit Flood: जानिए आज रात की बारिश का हाल, प्रशासन अलर्ट मोड पर
Pilibhit Flood: प्रशासन अलर्ट मोड पर, शारदा-देवहा का जलस्तर खतरे के करीब
पीलीभीत लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों में छोड़े जा रहे पानी ने पूरे जनपद पीलीभीत को बाढ़ के गंभीर खतरे में डाल दिया है। हालाँकि मंगलवार को बारिश थम गई, लेकिन उसका असर अभी भी लोगों की सांसें रोक रहा है। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि गाँवों से लेकर शहर की गलियों तक पानी का सैलाब पसरा दिखाई दे रहा है। शारदा और देवहा नदियाँ खतरे के निशान के बेहद करीब पहुँच चुकी हैं, जिससे प्रशासन ने पूरे जनपद को अलर्ट पर रख दिया है।
Pilibhit Flood:नदियों का बढ़ता जलस्तर
मंगलवार शाम तक बनबसा बैराज से लगभग 1,95,096 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि देवहा नदी में 51,955 क्यूसेक पानी बह रहा है।
शारदा नदी का जलस्तर 220.15 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के स्तर 221.70 मीटर से केवल 1.55 मीटर नीचे है और लगातार बढ़ रहा है।
देवहा नदी का जलस्तर 192.32 मीटर तक पहुँच चुका है, जो खतरे के स्तर 192.76 मीटर से मात्र 0.44 मीटर नीचे है और इसमें भी वृद्धि हो रही है।
अन्य सहायक नदियाँ जैसे खकरा, कटना और खन्नौत steady स्थिति में हैं, लेकिन भारी जलभराव के चलते गाँवों में खतरा और गहराता जा रहा है।
Pilibhit Flood:गाँव और शहरों में बाढ़ की मार
पानी का दबाव लगातार बढ़ने से कई गाँव और कस्बाई इलाकों में जलभराव हो गया है।
तहसील पीलीभीत – चन्दोई, पीलीभीत मुस्तकिल, पिपरा वाले, पिपरा भगू, गुटैहा, मीरापुर मुस्तकिल, रम्पुरा, चिनौरा (कमला कॉलोनी)।
तहसील कलीनगर – बून्दीभूड़, नौजल्हा नकटहा, महाराजपुर, बन्दरबोझ।
तहसील अमरिया – जोशी कालोनी, रानी कालोनी, देवा कुलारा, भरा पचपेड़ा, भैरूवा, उडरा, भूड़ा, मझलिया।
तहसील पूरनपुर – चदिया हजारा, शास्त्रीनगर, भरतपुर, चन्द्रनगर, सिद्धनगर।
शहर में हालात और भी गंभीर हो गए हैं। गलियों और मुख्य सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात बाधित हो गया है और लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।
राहत और बचाव कार्य
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए लंच पैकेट वितरण शुरू कर दिया है।
अब तक कुल 5522 पैकेट बाँटे जा चुके हैं।
इनमें से पीलीभीत तहसील में 1260, कलीनगर में 2005, अमरिया में 1504 और बीसलपुर में 753 पैकेट वितरित किए गए।
Pilibhit Flood:बचाव दल और मेडिकल सुविधाएँ
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों की पूरी तैयारी कर ली गई है।
34 बाढ़ राहत शरणालय और 32 बाढ़ चौकियाँ स्थापित की गई हैं।
42 नावें, 90 गोताखोर और 67 नाविक तैनात किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने 12 मेडिकल टीमों का गठन किया है, जिनमें 12 चिकित्सक और 36 पर्यवेक्षक शामिल हैं।
पशुओं के लिए भूसा और चारे की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है।
एसडीआरएफ की एक टीम तहसील सदर में कैंप कर रही है, जो लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए है।
Pilibhit Flood:हेल्पलाइन और आपदा नियंत्रण व्यवस्था
बाढ़ से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
आपदा नियंत्रण कक्ष – 05882-254116, 1077, 05882-253361, 9259826640
तहसील सदर – 05882-255959, 9454415862
तहसील पूरनपुर – 05880-262022, 9454415864
तहसील कलीनगर – 05880-297297, 9454415865
तहसील बीसलपुर – 05881-297054, 9454415863
तहसील अमरिया – 05882-297290, 9454415872
Pilibhit Flood:प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। लोग नदी, नालों और तालाबों के पास न जाएँ और किसी भी आपात स्थिति की तुरंत जानकारी प्रशासनिक हेल्पलाइन पर दें।
इस समय पीलीभीत का हर नागरिक बाढ़ जैसी गंभीर आपदा के साये में है। बढ़ते जलस्तर और जलभराव से आने वाले दिनों में और भी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। प्रशासन ने अपनी ओर से राहत और बचाव के हर स्तर पर व्यापक तैयारी कर ली है, लेकिन इस संकट से निपटने के लिए नागरिकों की सतर्कता और सहयोग सबसे अहम है।