Pilibhit: मासूम सहित 4 की मौत, जानिए DM ने क्या कहा
Pilibhit: बीसलपुर में बुखार से मासूम सहित चार की मौत, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में तैनात
Pilibhit: बीसलपुर तहसील के रसया खानपुर गांव में बुखार का प्रकोप चार परिवारों पर कहर बनकर टूटा। अलग-अलग दिनों में मासूम समेत चार लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को यह जानकारी मिली, टीम गांव पहुंची और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने गांव की साफ-सफाई और चिकित्सा व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं।
गांव में फैली बीमारी से दहशत का माहौल
गांव के लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से बुखार का प्रकोप बढ़ा हुआ है। 42 वर्षीय सुनीता पत्नी राम आसरे को दस दिन पहले तेज बुखार आया था। इलाज के दौरान उन्हें डेंगू बताया गया और 19 सितंबर को उनकी मौत हो गई। इसी तरह 77 वर्षीय इशरतउल्ला चिश्ती पुत्र सलामतुल्ला भी लंबे समय से बुखार से जूझ रहे थे और बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
29 सितंबर को गांव की तसरुम पुत्री कौसर की भी बुखार से मौत हो गई। परिवार की पीड़ा और भी गहरी है क्योंकि हाल ही में तसरुम का निकाह तय हुआ था। इसके अलावा गांव के ही जाने आलम और गुड़िया के नवजात शिशु की भी बीमारी के चलते मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार सदमे में है।
स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत की कार्रवाई
लगातार मौतों की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि प्रत्येक मौत की परिस्थितियों को जानने के लिए डेथ ऑडिट कराया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य टीमें गांव में भेजी गई हैं, जो घर-घर जाकर जांच कर रही हैं।
गांव में पहुंचे चिकित्सकों ने कई लोगों का चेकअप किया और दवाएं उपलब्ध कराईं। डॉ. ललिता, जो टीम की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, ने बताया कि गांव में बुखार के मरीज मिले हैं और उन्हें तुरंत इलाज दिया जा रहा है।
डीएम ने दिए साफ-सफाई और चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश
डीएम पीलीभीत ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि जैसे ही मौतों की सूचना मिली, प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। दो मेडिकल टीमों को गांव में तैनात किया गया है, जो लगातार जांच और इलाज कर रही हैं। साथ ही गांव में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई कराई जा रही है ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
डीएम ने बताया कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। जो भी बीमार हैं उन्हें दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ग्रामीणों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है और हर जरूरी मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
ग्रामीणों की पीड़ा और उम्मीद
गांव के लोग अचानक हुई इन मौतों से गहरे सदमे में हैं। परिवारों का कहना है कि इस बार का बुखार बहुत तेज है और बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है और गंदगी से स्थिति और बिगड़ रही है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की सक्रियता से लोगों में अब उम्मीद जागी है कि बीमारी पर काबू पाया जाएगा। ग्रामीणों ने अधिकारियों से गांव में नियमित स्वास्थ्य जांच और स्थायी साफ-सफाई व्यवस्था की मांग की है।
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