Pilibhit Education: विद्यालय में 20 दिन से मिड-डे मील बंद, शिक्षक अनुपस्थित, एक्शन में BSA

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Pilibhit Education: 20 दिन से मिड-डे मील बंद, शिक्षक अनुपस्थित। बच्चों की पढ़ाई व पोषण प्रभावित, BSA ने हेड मास्टर पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए।

Pilibhit Education:बिलसंडा ब्लॉक- प्राथमिक विद्यालय में 20 दिन से मिड-डे मील बंद, शिक्षक अनुपस्थित, बच्चों का भविष्य अधर में

शिक्षा को देश का भविष्य बनाने की बात बार-बार दोहराई जाती है, लेकिन जब जिम्मेदार शिक्षक और प्रशासन ही अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ लें तो बच्चों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया जाता है। पीलीभीत जनपद के बिलसंडा ब्लॉक के मलकापुर प्राथमिक विद्यालय से ऐसी ही लापरवाही सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। बीते 20 दिनों से मिड-डे मील बंद, शिक्षक अनुपस्थित और बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी, पीलीभीत  इस मामले पर पूरी रिपोर्ट तलब की गई है और हेड मास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Pilibhit Education:विद्यालय में निरीक्षण, तालेबंद गेट और खाली क्लास

बुधवार को अखिल भारत हिन्दू महासभा की टीम ने विद्यालय का निरीक्षण किया। नगर अध्यक्ष विकास मिश्रा और नगर महामंत्री सत्यपाल सुबह 10:44 बजे स्कूल पहुंचे तो देखा कि विद्यालय में कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। गेट बंद थे और कुछ पर ताले भी लगे थे। अंदर केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बैठी थीं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई का कोई इंतज़ाम नहीं था। बैग ज़मीन पर रखे थे और बच्चे असहाय खड़े थे।

बच्चों की शिकायत: “शिक्षक ध्यान नहीं देते”

निरीक्षण के दौरान बच्चों से बात की गई तो उन्होंने साफ कहा कि शिक्षक समय पर नहीं आते और पढ़ाई में सहयोग भी नहीं करते। नगर महामंत्री सत्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

Pilibhit Education: ग्राम प्रधान की नाराजगी

टीम ने तत्काल ग्राम प्रधान दीपमाला सक्सेना को मौके पर बुलाया। ग्राम प्रधान ने शिक्षकों की इस घोर लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई और बच्चों की शिक्षा व देखभाल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

20 दिन से मिड-डे मील बंद

निरीक्षण में यह तथ्य भी सामने आया कि बच्चों को पिछले 20 दिनों से मिड-डे मील नहीं दिया गया। यह सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से भी खिलवाड़ है। गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए यह मिड-डे मील बेहद महत्वपूर्ण होता है, जिसे रोकना बच्चों के अधिकारों पर सीधा हमला है।

अखिल भारत हिन्दू महासभा की चेतावनी

नगर अध्यक्ष और महामंत्री ने साफ कहा कि यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा और पोषण दोनों बच्चों का मौलिक अधिकार हैं और यदि शिक्षकों ने सुधार नहीं किया तो जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।

Pilibhit Education: बेसिक शिक्षा अधिकारी का बयान

इस पूरे मामले पर बेसिक शिक्षा अधिकारी, पीलीभीत ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय के हेड मास्टर लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। इस मामले पर पूरी रिपोर्ट तलब की गई है और हेड मास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

यह घटना साफ करती है कि ग्रामीण स्तर पर शिक्षा प्रणाली कितनी कमजोर है। अगर स्कूलों में शिक्षक अनुपस्थित रहेंगे और बच्चों को भोजन तक न मिलेगा, तो सरकार की योजनाएं कागजों से आगे नहीं बढ़ पाएंगी। सवाल यह उठता है कि बच्चों के भविष्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ आखिर कब तक चलता रहेगा?

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