Pilibhit: खून और खेल एक साथ नहीं, भारत-पाकिस्तान मैच पर शिवसेना का विरोध प्रदर्शन

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Pilibhit: खून और खेल एक साथ नहीं, भारत-पाकिस्तान मैच पर शिवसेना का विरोध प्रदर्शन

Pilibhit में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का विरोध, शहीदों का खून अभी सूखा नहीं की जुबां पर बात, शिवसेना सड़क पर उतरी

शहीदों के खून पर क्रिकेट? यह अपमान है!

पीलीभीत में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि हाल ही में पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने निर्दोष नागरिकों और हमारे माताओं, बहनों पर हमला किया, खून बहाया और कई लोगों की हत्या कर दी। शहीदों का खून अभी सूखा भी नहीं है, ज़ख्म अभी भरे नहीं हैं, लेकिन खेल के नाम पर पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलना हमारे शहीदों और देशवासियों के अपमान के समान है। यह विरोध केवल खेल विरोध नहीं है, बल्कि देशभक्ति और शहीदों के सम्मान की आवाज़ भी है।

Pilibhit: खून और खेल साथ नहीं, जिला अध्यक्ष का प्रहार

शिवसेना के जिला अध्यक्ष शैली शर्मा ने कहा कि खून और खेल कभी साथ नहीं बह सकते। उन्होंने यह भी कहा कि जो आतंकवादी हमारे भाई-बहनों की हत्या में शामिल थे, उनके साथ खेल खेलना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि हालिया आतंकवादी हमलों को भुलाया जा सकता है, लेकिन शहीदों के परिवार और देशवासियों के जख्मों को नजरअंदाज करना न्यायसंगत नहीं है। उनके अनुसार, खेल के नाम पर इस तरह की संवेदनाओं की अनदेखी करना देशभक्ति का अपमान है।

शहीदों की राख पर खेल नहीं: प्रदेश प्रमुख का तंज

शिवसेना के प्रदेश प्रमुख ने कहा कि माताओं और बहनों की सिंदूर की राख अभी ठंडी भी नहीं हुई है, लेकिन खेल के नाम पर शहीदों का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने सरकार और देश के वरिष्ठ नेताओं से अनुरोध किया कि इस तरह की परिस्थितियों में पाकिस्तान के साथ आयोजित क्रिकेट मैच को रद्द किया जाए और शहीदों और उनके परिवारों के सम्मान का ध्यान रखा जाए। उनका मानना है कि देश की अस्मिता के पिच पर यह मैच किसी भी रूप में मान्य नहीं हो सकता।

Pilibhit: पुतला फूंककर जताया आक्रोश

विरोध प्रदर्शन के दौरान शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान का पुतला फूंका और सैकड़ों की संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारे लगाते हुए शहीदों और देश की अस्मिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि खेल और खून साथ नहीं बह सकते और शहीदों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खेल बनाम देशभक्ति: जनता की नजर में अपमान

विश्लेषकों का मानना है कि क्रिकेट एक खेल है, लेकिन आतंकवाद और शहीदों की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान के साथ मैच खेलना भावनात्मक और देशभक्ति के दृष्टिकोण से अस्वीकार्य है। जनता और संगठनों की मान्यता है कि शहीदों का सम्मान और माताओं-बहनों की इज्जत सबसे पहले आती है, और किसी खेल के लिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस विरोध प्रदर्शन से यह भी स्पष्ट होता है कि खेल की अनुमति केवल वित्तीय दृष्टिकोण से दी जा रही है, जबकि देश की अस्मिता और भावनाओं की कीमत इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

पाकिस्तान के साथ कोई रिश्ता नहीं: शिवसेना का कट्टर रुख

शिवसेना का रुख स्पष्ट है कि पाकिस्तान आतंकवादी देश है और उनके साथ किसी भी प्रकार का खेल या सांस्कृतिक संबंध अस्वीकार्य है। यह विरोध प्रदर्शन केवल क्रिकेट विरोध नहीं है, बल्कि शहीदों और देश की अस्मिता की रक्षा की मांग है। आगामी मैच को रद्द करना ही शहीदों और देश की भावनाओं का सम्मान करने का सही कदम होगा।

Pilibhit: खेल और खून साथ नहीं, विरोध की अंतिम चेतावनी

पीलीभीत में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि खेल और देशभक्ति कभी एक साथ नहीं बह सकते। जनता का मानना है कि शहीदों का खून और माताओं-बहनों की इज्जत सर्वोपरि हैं और किसी भी खेल के लिए इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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