Operation Sindoor: पाकिस्तान में सक्रिय मिले 11 भारतीय सिम कार्ड, जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़

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Operation Sindoor में बड़ा खुलासा, पाकिस्तान में सक्रिय मिले 11 भारतीय सिम कार्ड। दिल्ली पुलिस ने ISI के जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।

Operation Sindoor: पाकिस्तान में सक्रिय मिले 11 भारतीय सिम कार्ड, दिल्ली पुलिस ने किया ISI के जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़

नई दिल्ली भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने खुलासा किया कि 11 भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान में सक्रिय पाए गए, जिन्हें भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में नेपाल के एक नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, जिसने सिम कार्ड उपलब्ध कराने और पाकिस्तान तक पहुँचाने का काम किया।

Operation Sindoor:गिरफ्तारी और शुरुआती खुलासा

दिल्ली पुलिस ने 28 अगस्त को नेपाल के नागरिक प्रभात कुमार चौआरस्य को लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि उसने आधार कार्ड का दुरुपयोग कर कई सिम कार्ड खरीदे और इन्हें नेपाल के रास्ते पाकिस्तान तक पहुँचाया। इनमें से 11 सिम कार्ड पाकिस्तान के शहरों में सक्रिय पाए गए, जिनका इस्तेमाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंटरनेट कॉलिंग सेवाओं के जरिए जासूसी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

Operation Sindoor:सिम कार्ड का जाल और काम करने का तरीका

गिरफ्तार आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों और दूसरे लोगों की पहचान का इस्तेमाल कर करीब 16 सिम कार्ड खरीदे। इसके बाद इन्हें नेपाल पहुँचाया गया और वहीं से आईएसआई को सौंप दिया गया। इन सिम कार्डों का इस्तेमाल व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग एप पर भारतीय नंबर बनाकर किया गया, जिससे भारतीय नागरिकों, सेना से जुड़े कर्मचारियों और रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों से संपर्क साधा जा सके।

Operation Sindoor:आईएसआई की चाल और आरोपी की भूमिका

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को आईएसआई ने अमेरिकी वीजा और पत्रकारिता के क्षेत्र में भविष्य बनाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। उसकी जिम्मेदारी भारतीय सिम कार्ड खरीदकर पाकिस्तान तक पहुँचाने की थी। इस नेटवर्क का असली मकसद भारतीय रक्षा संस्थानों और वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियाँ हासिल करना था।

पुराने मामलों से जुड़ाव

इससे पहले भी राजस्थान के कुछ लोगों को पकड़ा गया था जो इसी तरह भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजने और आईएसआई के संपर्क में रहने के आरोप में जेल गए थे। इस गिरफ्तारी ने साफ कर दिया कि भारत के भीतर कई राज्यों में आईएसआई ने सिम कार्ड नेटवर्क फैला रखा है, जिसका उपयोग भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जासूसी के लिए किया जाता है।

ऑपरेशन सिंदूर का असर

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारतीय एजेंसियों ने न सिर्फ एक जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, बल्कि यह भी साबित किया कि पाकिस्तान प्रायोजित जासूसी और आतंकवाद भारत के खिलाफ लगातार सक्रिय है। इस ऑपरेशन के दौरान कई अन्य लोगों को भी पकड़ा गया था, जो रक्षा प्रतिष्ठानों की तस्वीरें और ओटीपी पाकिस्तान भेजने का काम कर रहे थे।

Operation Sindoor:सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता

गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने उन सभी लोगों पर नजर रखना शुरू कर दी है जिनकी पहचान इस नेटवर्क से जुड़ी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सिम कार्ड के जरिए पाकिस्तान में बैठे लोग न सिर्फ भारत से जानकारी जुटा रहे थे, बल्कि कई बार इन्हीं नंबरों का इस्तेमाल कर भारतीयों को गुमराह भी किया जा रहा था।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साधारण दिखने वाले सिम कार्ड भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारतीय संचार प्रणाली का दुरुपयोग कर रही थी, लेकिन भारतीय एजेंसियों की चौकसी ने इस साजिश को समय रहते विफल कर दिया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इस बात का प्रमाण है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्तर पर देशविरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगी और हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

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