Noida डबल मर्डर, आरोपियों ने कोर्ट में किया सरेंडर, वकील और पुलिस में भिड़ंत, वीडियो वायरल
अलीगढ़ – Noida में खौफनाक डबल मर्डर, दरोगा की हत्या के आरोपियों ने कोर्ट में किया सरेंडर, वकील और पुलिस में भिड़ंत, वीडियो सार्वजानिक
अलीगढ़। नोएडा-ग्रेटर नोएडा की मिट्टी पर 19 अक्टूबर को हुए रिटायर्ड CRPF दरोगा अजयपाल भाटी और उनके भतीजे दीपांशु की गोली मारकर हत्या की सनसनी अभी तक कायम है। आज अलीगढ़ की जिला सत्र न्यायालय की गैंगस्टर कोर्ट में इस डबल मर्डर के आरोपी शूटर बोबी तोंगड़ा और सचिन गुर्जर सरेंडर करने पहुंचे। लेकिन कोर्ट परिसर ने आज ऐसी खलबली देखी कि किसी ने सोचा भी नहीं था — दरोगा और वकीलों के बीच हाथापाई, पुलिस और अधिवक्ताओं की भिड़ंत हो गयी , एक नाटकीय दृश्य सामने आया।
शुरुआत से ही डरावनी कहानी
19 अक्टूबर की वह शाम जब ग्रेटर नोएडा के गाँव सैंथली में अजयपाल भाटी और उनका भतीजा दीपांशु घर लौट रहे थे, उनका जीवन अचानक रौंद दिया गया। गोली चली और दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस खूनी वारदात के आरोपियों के नाम थे — बोबी तोंगड़ा और सचिन गुर्जर, जो ग्रेटर नोएडा के जारचा क्षेत्र के गाँव आनंदपुर के निवासी हैं।
यह कोई आम हत्याकांड नहीं था। दोनों ही शूटर पहले भी अलीगढ़ में 6 जुलाई 2020 को भाजपा बूथ अध्यक्ष सचिन की हत्या में वांटेड गैंगस्टर थे। अब वही शूटर अलीगढ़ की कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे — पर उनका अंदाज और कोर्ट में उत्पन्न नाटक ने सबको दांतों तले अंगुली दबा दी।
कोर्ट में सरेंडर और भिड़ंत से हंगामा
सुबह जैसे ही दोनों आरोपी कोर्ट में पेश हुए, मामला गंभीर हो गया।
अधिवक्ता और पुलिस के बीच जोरदार भिड़ंत शुरू हुई।
विवाद इतना बढ़ गया कि दरोगा और वकील के बीच हाथपाई तक हो गई, जिसमें कोर्ट हॉल में मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।
इस बीच बोबी तोंगड़ा ने सरेंडर किया और अपने खिलाफ दर्ज सभी आरोप स्वीकार किए।
वहीं सचिन गुर्जर को पुलिस ने घसीटते हुए कोर्ट परिसर से बाहर ले जाया गया
यह दृश्य एक बार फिर साबित करता है कि अपराधी कोर्ट में भी अपनी शक्ति दिखाने का प्रयास करते हैं, लेकिन आज उनके खिलाफ न्याय और कानून की शक्ति ने खुलकर अपना रूप दिखाया।
शूटरों की घिनौनी करतूत
बोबी और सचिन की करतूत केवल नोएडा तक सीमित नहीं हैं।
अलीगढ़ में भाजपा बूथ अध्यक्ष की हत्या में उनकी सक्रियता दिखाती है कि अपराधी किस तरह सत्ता और भय का इस्तेमाल कर लोगों पर कब्जा जमाते हैं।
आज उनका कोर्ट में सरेंडर होना यह संदेश है कि अपराधी अपराधी होता है और कानून के सामने उसकी धज्जियां जरूर उड़नी चाहिए।
पुलिस ने उन्हें सार्वजनिक रूप से गिरफ्तार किया और कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अपराध की कोई सीमा नहीं हो सकती।
सत्ता, भय और कानून का संघर्ष
इस पूरे घटनाक्रम ने यह दिखा दिया कि अपराधियों के लिए सत्ता और भय सिर्फ हथियार का नाम नहीं है, बल्कि लोगों पर दबाव बनाने का माध्यम है।
लेकिन आज न्याय और कानून ने बाहुबलियों के सामने अपनी शक्ति का परिचय दिया, और यह संदेश दिया कि चाहे अपराध कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसका जवाब कानून के दंड से ही दिया जाएगा।
अलीगढ़ की कोर्ट में आज का दृश्य सिर्फ एक सरेंडर नहीं था। यह अपराधियोंको उनके किये की सजा देना उदाहरण था।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा का यह डबल मर्डर मामला अब साबित कर रहा है कि कानून और न्याय की शक्ति, बाहुबलियों की ताकत और अपराध के खिलाफ हमेशा खड़ी रहती है।
बोबी तोंगड़ा और सचिन गुर्जर का सामना आज दर्शाता है कि अपराधी चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, उनका अंत निश्चित है।
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