Nepal Crisis: नेपाल में बढ़ा सियासी संकट: पीएम केपी शर्मा ओली ने दिया इस्तीफा, विरोध प्रदर्शनों से हालात तनावपूर्ण
विरोध प्रदर्शनों से बिगड़े हालात
इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकारी दफ्तरों, राष्ट्रपति कार्यालय और सुप्रीम कोर्ट के हिस्सों में भी आग लगाने की घटनाएं हुईं। इस बीच, कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति भी बनी।
विपक्ष के नेताओं को बनाया निशाना
सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी, जो नेपाल की विदेश मंत्री हैं, पर भी हमला किया। दोनों को चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इन घटनाओं ने नेपाल की राजनीति को और अधिक संकटग्रस्त कर दिया है।
क्यों गहराया राजनीतिक संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि ओली सरकार पर लंबे समय से जनता का भरोसा कम हो रहा था। महंगाई, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता के चलते आम नागरिकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा था। ओली के इस्तीफे ने इस असंतोष को और बढ़ा दिया है। वहीं, विपक्षी दल अब सरकार बनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर
नेपाल के हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पर टिकी हुई है। भारत सहित पड़ोसी देशों ने संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है। विश्लेषकों का कहना है कि नेपाल को स्थिरता की ओर ले जाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को आपसी सहमति से आगे आना होगा। आपको बताते चलें कि जमीनी हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और राजधानी सहित प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।