Top News: नेपाल की जेलों में बंद कैदियों की बल्ले-बल्ले, जानिए अब तक कितने हुए फरार

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नेपाल में हाल के दिनों में जेलों से कैदियों के भागने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब तक विभिन्न जेलों से 13,500 से अधिक कैदी फरार हो चुके हैं। इन घटनाओं के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है। बिहार के सीमावर्ती जिलों में एसएसबी और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है, वहीं ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।

नेपाल की जेलों से भागने वाले कैदियों की संख्या

सूत्रों के अनुसार, नेपाल के गृह मंत्रालय और पुलिस ने बताया कि सबसे अधिक कैदी काठमांडू की झुम्पका जेल से 1575, नक्कु जेल से 1200, दिल्ली बाजार जेल से 1100, कास्की जेल से 773, चितवन जेल से 700 और कैलाली जेल से 612 भागने में सफल रहे। इसी तरह जलेश्वर जेल से 576, नवलपरासी जेल से 500 से अधिक, सिंदुलीगढी जेल से 471, कान्चनपुर जेल से 450, गौर जेल से 260, दाङ जेल से 124, सोलुखुम्बु जेल से 86, बाजहाङ जेल से 65 और जुम्ला जेल से 36 कैदी फरार हुए हैं। अन्य जेलों और पुलिस कस्डटी से भी कैदी भाग निकले, जिससे कुल संख्या 13,572 तक पहुँच गई है।

भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट

कैदियों के इस बड़े पैमाने पर फरार होने के बाद आशंका जताई जा रही है कि कई अपराधी भारत में प्रवेश कर सकते हैं। इसी कारण गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती जिलों को **सतर्क रहने और कड़ी चौकसी बरतने के निर्देश** जारी किए हैं। बिहार पुलिस और एसएसबी ने सीमा पर गश्त तेज कर दी है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों और आधुनिक तकनीक की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

बढ़ी हुई चौकसी और आगे की कार्रवाई

हालांकि नेपाल सरकार कैदियों को दोबारा पकड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही है, लेकिन अब तक उन्हें सफलता सीमित ही मिली है। वहीं भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी परिस्थिति में **सीमा सुरक्षा में लापरवाही नहीं बरती जाएगी**। इस घटनाक्रम से नेपाल और भारत दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और सीमा पार अपराध रोकने के लिए आपसी समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।

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