Muzaffarnagar: नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, भीड़ ने लगाई धुनाई, हाथ जोड़ गुंडों ने जुर्म कबूला, पुलिस ने की जमकर खातिरदारी – देखें वीडियो
Muzaffarnagar: नाबालिग से बलात्कार की कोशिश, राहगीरों ने दोनों दरिंदों को रंगे हाथ पकड़ा, जमकर की धुनाई – वीडियो वायरल
उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। भोपा थाना क्षेत्र के एक गाँव में जंगल के सुनसान रास्ते से गुजर रही नाबालिग लड़की पर दो हैवानों ने हमला कर दिया और उसे जबरन अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। लेकिन किस्मत से युवती की चीख सुनकर मौके पर पहुँचे ग्रामीणों ने दोनों दरिंदों को रंगे हाथ पकड़ लिया और जमकर धुनाई कर दी।
Muzaffarnagar: दरिंदगी का पूरा खेल कैमरे में कैद, सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला वीडियो
गाँव के ही एक युवक ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में दोनों आरोपी – नईम और आज़म – हाथ जोड़कर रहम की भीख माँगते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा देखकर वे बार-बार माफी मांगते रहे।
Muzaffarnagar: पुलिस पहुँची मौके पर, आरोपियों पर पोक्सो समेत कई धाराओं में मुकदमा
सूचना मिलते ही भोपा पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने लाई। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने दोनों दरिंदों के खिलाफ धारा 76 BNS और 7/8 पोक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सीओ भोपा देवव्रत वाजपेई ने बताया कि –
“भोपा थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म प्रयास की सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।”
Muzaffarnagar: समाज के लिए सवाल – क्या हाथ जोड़कर माफी मांग लेना ही काफी है?
वीडियो में दरिंदे हाथ जोड़कर बार-बार कहते दिख रहे हैं कि वे दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी मासूम की इज्जत इतनी सस्ती है कि दरिंदों को सिर्फ “माफी” पर छोड़ दिया जाए?
समाज को झकझोर देने वाली इस घटना ने एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हमारी बेटियों की सुरक्षा कब सुनिश्चित होगी।
Muzaffarnagar: अब ज़रूरत है कठोर सज़ा की
पुलिस और न्याय व्यवस्था को चाहिए कि ऐसे हैवानों को उदाहरण स्वरूप इतनी कड़ी सज़ा दी जाए कि कोई दूसरा व्यक्ति बेटियों की अस्मिता पर हाथ डालने की सोच भी न सके।
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि बेटियों की इज्जत के दुश्मनों को अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
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