Muzaffarnagar: हथियार तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम, 14 तस्कर गिरफ्तार
Muzaffarnagar: हथियार तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम, पुलिस ने पंचायत चुनाव से पहले 14 तस्करों को भारी मात्रा में असलहों के साथ गिरफ्तार किया।
मुज़फ्फरनगर: पंचायत चुनाव से पहले हथियार तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम, पुलिस ने दबोचा अंतरराज्यीय गिरोह
गोलियों की आवाज़ आने से पहले ही कैसे पुलिस ने बिगाड़ दी एक बड़ी साजिश की स्क्रिप्ट…
उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में पंचायत चुनावों से पहले हथियारों की एक बड़ी खेप पकड़े जाने से सियासी और आपराधिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। भोपा कोतवाली पुलिस ने एक सुनियोजित कार्रवाई के दौरान एक अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके पीछे पंचायत चुनाव में खून-खराबा फैलाने की साजिश मानी जा रही है।
Muzaffarnagar: कैसे हुई साजिश की भनक?
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के लिए अवैध हथियारों की एक भारी खेप मुजफ्फरनगर में खपाने की तैयारी चल रही है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई और इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
Muzaffarnagar: 14 तस्कर चढ़े पुलिस के हत्थे
पुलिस ने इस तस्करी के मास्टरमाइंड फिरोज अंसारी सहित गिरोह के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्करों के नाम हैं:
आशु उर्फ विक्रांत, अमरीश, हार्दिक, केशव, अक्षय, अमन, मोहित, भूरा, सलमान, संजीव, गुरूमन सिंह, मोनू उर्फ हिमांशु और हर्ष कश्यप।
इन तस्करों पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और ये गिरोह बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से हथियारों की सप्लाई करते रहे हैं।
Muzaffarnagar: भारी मात्रा में हथियार बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में घातक हथियार बरामद किए:
6 पिस्टल
1 रिवॉल्वर
5 देशी तमंचे
1 मस्कट और 1 बंदूक
थार जीप, तीन बाइक और
₹46,000 नगद
SSP बोले: चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ने की थी साजिश
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यह गिरोह पंचायत चुनाव से पहले अराजकता फैलाने के इरादे से हथियारों की डिलीवरी करने वाला था। “समय रहते हमने पूरी योजना को ध्वस्त कर दिया, और गिरोह के अधिकतर सदस्य पुलिस की गिरफ्त में हैं।
जांच जारी, और गिरफ्तारी की संभावना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के कुछ सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हथियारों की सप्लाई किस-किस तक जानी थी, इसका पता लगाने के लिए मोबाइल डेटा, बैंक लेन-देन और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
मुज़फ्फरनगर पुलिस की यह कार्रवाई पंचायत चुनाव से पहले एक बड़ी रक्तरंजित साजिश को नाकाम करने के रूप में देखी जा रही है। यह मामला दर्शाता है कि अपराधी अब भी लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने की ताक में रहते हैं, लेकिन सजग पुलिसिंग और सटीक खुफिया सूचना से देश की सुरक्षा अब और मजबूत हो रही है।