Muzaffarnagar: जिसने दहशत फैलाई, उसे मिट्टी में मिला दिया गया! डकैत मेहताब ढेर

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Muzaffarnagar: जिसने दहशत फैलाई, उसे मिट्टी में मिला दिया गया! डकैत मेहताब ढेर

Muzaffarnagar: एक लाख का इनामी डकैत मेहताब सोंटा पुलिस मुठभेड़ में हुआ ढेर, दो दरोगा-सिपाही घायल, गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा बुढ़ाना इलाका 

“जिसने दहशत फैलाई , उसे मिट्टी में मिला दिया गया!”

मुजफ्फरनगर। अपराध और दहशत के नाम से कुख्यात मेहताब सोंटा का अब अंत हो गया। यूपी पुलिस की आक्रामक रणनीति और ज़ीरो टॉलरेंस नीति के आगे एक लाख का इनामी यह डकैत आखिरकार अपनी सजा का खुद भागीदार बना। बुढ़ाना के जौला गांव के जंगलों में हुई यह भीषण मुठभेड़ किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी — चारों ओर गोलियों की आवाजें, बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगती गोलियां और धुएं के बीच मौत के सन्नाटे में ढेर ख़त्म  हुआ अपराध का काला अध्याय।

Muzaffarnagar: जंगल में मौत का जाल — पुलिस बनाम डकैत का आमना-सामना

शनिवार की देर रात बुढ़ाना थाना क्षेत्र के जौला गांव में एक पुराना ईंट भट्ठा अचानक जंग का मैदान बन गया। दरअसल पुलिस को मुखबिर से खबर मिली थी कि एक लाख का इनामी मेहताब अपने साथियों के साथ वहां छिपा बैठा है। सूचना मिलते ही SHO सुभाष अत्रि और SO मोहित सिंह सहित  पुलिस ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया।

जैसे ही पुलिस ने आगे बढ़ने की कोशिश की — सामने से गोलियों की बौछार शुरू हो गई।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में जबरदस्त फायरिंग की, जिसमें बुढ़ाना थाने में तैनात दरोगा ललित कसाना और सिपाही अलीम घायल हो गए। दोनों को गोली लगी, लेकिन वे तब भी डटे रहे। SHO सुभाष अत्रि और SO मोहित सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं — ज़रा सोचिए, अगर जैकेट न होती तो शायद आज दो और शहीदों की खबर होती!

Muzaffarnagar: गोलियों की बारिश में ढेर हुआ मेहताब — अपराध का अंत

करीब 20 मिनट चली यह मुठभेड़ जैसे-जैसे आगे बढ़ी, अपराध की रात छोटी पड़ने लगी। आखिरकार पुलिस की गोलियों ने मेहताब सोंटा को वहीं ढेर कर दिया। जब धुआं छटा, तो जमीं पर पड़ा था — यूपी का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी, जिस पर 18 से ज़्यादा संगीन केस दर्ज थे, जिनमें लूट, डकैती, रंगदारी और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध शामिल थे।

पुलिस ने मौके से विदेशी पिस्टल, रिवॉल्वर, कारतूस, लूटी गई बाइक, और सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। हालांकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला, लेकिन पुलिस ने पूरी रात जंगल में कांबिंग कर उसे ढूंढने का अभियान जारी रखा।

एसएसपी पहुंचे मौके पर — घायल सिपाहियों का हौसला बढ़ाया

मुठभेड़ की खबर जैसे ही मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में पहुंची, एसएसपी संजय कुमार वर्मा और एसपी देहात आदित्य बंसल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने न केवल मौके का मुआयना किया, बल्कि अस्पताल जाकर घायल दरोगा और सिपाही का हालचाल भी जाना।

एसएसपी संजय वर्मा ने साफ कहा —

“अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, यूपी पुलिस के सामने टिक नहीं सकता। हमारी नीति साफ है — या तो अपराध छोड़ो या फिर परिणाम भुगतो।”

पुलिस की सख्त कार्रवाई से अपराध जगत में मचा हड़कंप

मेहताब सोंटा का मारा जाना, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत के लिए बड़ा झटका है। यह वही मेहताब था, जिसने बुढ़ाना में सर्राफा व्यापारी नेमचंद से हुई लूट में पुलिस को महीनों तक छकाया था। अब उसके ढेर होने से बाकी गिरोह के सदस्य भूमिगत हो चुके हैं।

एसएसपी ने साफ शब्दों में कहा कि अब “गुंडे, बदमाश या माफिया” शब्द मुजफ्फरनगर के लिए इतिहास बनेंगे — कानून से बड़ा कोई नहीं!

पोस्टमार्टम को भेजा गया शव — खत्म हुई एक दहशत की कहानी

पुलिस ने मेहताब के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। ग्रामीण राहत की सांस ले रहे हैं — क्योंकि जिस शख्स के नाम से गांव थरथराते थे, वो अब मिट्टी में मिल चुका है।

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