Motihari Cyber Fraud Case: ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्टूडियो, नेपाल-यूक्रेन-मैक्सिको तक फैला जाल

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Motihari Cyber Fraud Case: परवेज अंसारी ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्टूडियो से 10 लाख जीमेल आईडी से ठगी की, नेटवर्क नेपाल, यूक्रेन और मैक्सिको तक फैला था जाल।

Motihari Cyber Fraud Case: ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्टूडियो से अंतरराष्ट्रीय ठगी का जाल उजागर

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से साइबर अपराध की एक ऐसी परत खुली है जिसने पूरे तंत्र को हिला दिया है। यहां पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो डिजिटल ठगी को न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़कर संचालित कर रहा था। मुख्य आरोपी परवेज अंसारी के घर से जो कुछ मिला है, वह इस बात की पुष्टि करता है कि यह कोई साधारण ठग नहीं बल्कि एक संगठित साइबर अपराधी था।

Motihari Cyber Fraud Case:कैसे हुआ खुलासा

यह कार्रवाई उस समय हुई जब उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति ने साइबर थाना पुलिस से शिकायत की। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, परवेज अंसारी का नाम सामने आया। पुलिस की टीम ने छापेमारी की तो आरोपी के घर से एक ऐसा ‘डिजिटल अरेस्ट’ नामक स्टूडियो मिला, जहां से ठगी का पूरा नेटवर्क ऑपरेट किया जा रहा था।

बरामदगी जिसने चौकाया

छापेमारी में पुलिस ने भारी मात्रा में साइबर अपराध से जुड़ा सामान बरामद किया। इनमें 32 एटीएम कार्ड, 28 मोबाइल फोन, 7 सीपीयू, 7 मॉनिटर, बायोमेट्रिक मशीन, प्रिंटर, पासबुक, चेकबुक और कई संवेदनशील दस्तावेज शामिल थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दस्तावेजों में नेपाल, यूक्रेन और मैक्सिको जैसे देशों के कागजात भी मिले, जो अंतरराष्ट्रीय ठगी नेटवर्क की गवाही दे रहे थे।

Motihari Cyber Fraud Case:ठगी का तरीका

जांच में यह भी सामने आया कि परवेज लोगों को कई तरह से अपने जाल में फंसाता था। वह गेमिंग ऐप्स और डिजिटल करेंसी में निवेश का झांसा देकर लोगों के पैसे हड़प लेता था। फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर बिजली बिल अपडेट कराने या फिर लोन दिलाने का लालच देता था। साथ ही, व्हाट्सएप के जरिए भी ठगी का लेन-देन करता था। बताया जा रहा है कि उसके पास लगभग 10 लाख जीमेल अकाउंट्स का नेटवर्क था, जिसके जरिए वह पैसों का लेन-देन करता था।

Motihari Cyber Fraud Case:अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से कनेक्शन

बरामद हुए दस्तावेजों से साफ है कि यह गिरोह सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि सीमापार देशों तक फैला हुआ था। नेपाल और यूक्रेन जैसे देशों से मिले कागजात इस बात का संकेत हैं कि आरोपी विदेशी नेटवर्क से भी जुड़ा था और साइबर ठगी को एक बड़े स्तर पर अंजाम देता था।

Motihari Cyber Fraud Case: पुलिस की आगे की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर यह ठगी का पैसा किन-किन चैनलों से बाहर जाता था और किन लोगों तक इसकी पहुंच थी।

मोतिहारी की यह घटना इस बात का ताज़ा सबूत है कि डिजिटल युग में अपराधियों ने अपनी रणनीति कितनी बदल ली है। एक छोटे से कस्बे से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला यह नेटवर्क न सिर्फ लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहा था, बल्कि देश की साइबर सुरक्षा के लिए भी खतरा साबित हो रहा था।

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