Cyber Crime UP: मंत्री जी को ही बना लिया निशाना, B-Tech ठगों ने 300 खातों में किये करोड़ों ट्रांसफर

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Cyber Crime UP: यूपी के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के CA के साथ हुई 2.08 करोड़ रुपए की ठगी ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में पुलिस और साइबर सेल की टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ठगी के इस मामले में बीटेक और MBA पास युवाओं का हाईटेक गैंग शामिल था। हालांकि, ठगों द्वारा निकाले गए 1.96 करोड़ रुपए में से पुलिस केवल 12.22 लाख रुपए फ्रीज कर पाई है। बाकी रकम 300 से अधिक खातों के जरिए ठगों तक पहुंच गई है।


कैसे हुआ 2.08 करोड़ का साइबर फ्रॉड?

ठगों के गिरोह ने मंत्री के CA को शातिर तरीके से निशाना बनाया।

  • 300 खातों के जरिए ट्रांसफर
    ठगों ने रकम को छोटे-छोटे हिस्सों में 300 से अधिक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया।
  • विदेशी गैंग से संपर्क
    यह गिरोह टेलीग्राम के जरिए विदेश में बैठे साइबर ठगों से जुड़ा है।
  • फ्रीज रकम
    पुलिस ने 12.22 लाख रुपए फ्रीज किए हैं, लेकिन शेष रकम तक पहुंचने में मुश्किलें हैं।

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गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका

  1. दिव्यांशु (पटना):
    बीटेक पास, गिरोह का मास्टरमाइंड। नेटवर्किंग कंपनी में काम कर साइबर ठगी के गुर सीखे।
  2. पुलकित द्विवेदी (मऊ):
    बीटेक पास, दिव्यांशु का सहयोगी। मोबाइल गेमिंग से ठगी का रास्ता चुना।
  3. संजीव (बरेली):
    MBA पास, खाताधारकों की व्यवस्था करता था। 5% कमीशन पर काम करता था।
  4. सुरजीत (बरेली):
    खाते में ठगी की रकम प्राप्त की।
  5. विजय कुमार (नवाबगंज, बरेली):
    खाता धारक, ठगी में सहयोगी।

विदेशी ठगों के साथ कनेक्शन

  • टेलीग्राम के जरिए संपर्क:
    ठगों ने टेलीग्राम के माध्यम से कोलकाता और विदेश में बैठे गिरोह के सरगनाओं से संपर्क किया।
  • थाईलैंड और नेपाल यात्राएं:
    आरोपियों ने गिरोह के सरगनाओं से मुलाकात के लिए कई बार विदेश यात्राएं की।

पुलिस के सामने चुनौतियां

  • 300 खातों की जांच:
    रकम को कई खातों में बांटकर निकाला गया, जिससे ठगों तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
  • विदेशी गिरोह का पता लगाना:
    ठगी के मास्टरमाइंड विदेश में हैं, जिन्हें ट्रैक करना बड़ी चुनौती है।

पुलिस की कार्रवाई

प्रयागराज क्राइम ब्रांच, साइबर सेल, और स्पेशल टीमों ने संयुक्त रूप से यह ऑपरेशन चलाया।

  • साइबर थाना प्रभारी: राजीव तिवारी ने बताया कि ठगी का यह नेटवर्क हाईटेक तरीके से काम करता है।
  • रुपए वापस लाने की कोशिश: पुलिस ने बाकी रकम ट्रैक करने के लिए जांच तेज कर दी है।

साइबर ठगी से बचने के सुझाव

  • अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें।
  • किसी को भी अपने बैंक डिटेल्स साझा न करें।
  • ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें।

यह मामला दिखाता है कि हाईटेक ठगों के खिलाफ सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।

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