मेरठ से अलीगढ़ और फिर बिहार तक पुलिस की दबिश, भगवा लव ट्रैप-Internet पर सांप्रदायिक जहर फैलाने वाला फिरोज गिरफ्तार

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मेरठ से अलीगढ़ और फिर बिहार तक पुलिस की दबिश, भगवा लव ट्रैप-Internet पर सांप्रदायिक जहर फैलाने वाला फिरोज गिरफ्तार

मेरठ से अलीगढ़ और फिर बिहार तक पुलिस की दबिश, भगवा लव ट्रैप का Internet पर झूठा नैरेटिव गढ़कर समाज को बांटने की कोशिश

मेरठ। सोशल मीडिया पर भगवा लव ट्रैप के नाम से सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाला अलीगढ़ निवासी फिरोज आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया। मेरठ पुलिस की साइबर टीम ने अलीगढ़ और बिहार में दबिश देकर आरोपित को गिरफ्तार किया। आरोप है कि फिरोज ने फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर युवतियों की तस्वीरें पोस्ट कीं और उन्हें आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ जोड़कर सांप्रदायिक नैरेटिव गढ़ा।

Internet: छात्रा की शिकायत से खुला मामला

28 अप्रैल को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने थाना मेडिकल में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता का कहना था कि किसी ने उसकी तस्वीर लेकर इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी से पोस्ट डालते हुए उस पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पोस्ट को भगवा लव ट्रैप से जोड़कर पेश किया गया, जिससे छात्रा की छवि धूमिल हुई और मानसिक उत्पीड़न भी हुआ।

Internet: जांच में अलीगढ़ निवासी फिरोज का नाम आया सामने

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी आईडी के पीछे अलीगढ़ के मोहल्ला जीवनगढ़ थाना कारसी निवासी फिरोज का हाथ है। घटना के बाद आरोपित अलीगढ़ से भागकर बिहार चला गया था। साइबर सेल की लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने उसे देर रात बिहार से गिरफ्तार कर मेरठ लाया गया।

Internet: एक बार नहीं बार-बार फैलाया गया सोशल मीडिया पर जहर

साइबर टीम की जांच में पाया गया कि फिरोज ने 28 मई, 16 जून, 22 जून और 30 जून को भी इसी तरह की कई पोस्ट सोशल मीडिया पर डालीं। इन पोस्ट में दावा किया गया कि हिंदू युवतियों, जिन्होंने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कर लिया है, उनकी वापसी मुस्लिम मजहब में कराई जाएगी। इन भड़काऊ बयानों को भगवा लव ट्रैप का नाम देकर समाज में नफरत फैलाने की कोशिश की गई।

Internet: विदेशों से फंडिंग हासिल करने की भी और बड़े खुलासे

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि फिरोज सिर्फ पोस्ट डालने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह खुद को धर्म का ठेकेदार बताकर विदेशों से फंडिंग हासिल करने की भी कोशिश कर रहा था। पूछताछ में उसने मेरठ के कुछ और नामों का खुलासा किया है, जो उसके साथ मिलकर यह सांप्रदायिक नैरेटिव गढ़ने की साजिश रच रहे थे। खुफिया विभाग और अन्य जांच एजेंसियां अब उन नामों की गहन पड़ताल कर रही हैं।

पुलिस की सख्ती और एसएसपी का बयान

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया—
“मेरठ सीसीएसयू की छात्रा ने थाना मेडिकल में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी फोटो फर्जी आईडी बनाकर सोशल मीडिया पर डालकर आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल की मदद से अलीगढ़ निवासी फिरोज की पहचान की गई। पहले अलीगढ़ में दबिश दी गई, लेकिन आरोपी बिहार भाग गया था। देर रात उसे बिहार से गिरफ्तार कर मेरठ लाया गया है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क की जांच की जा रही है।”

समाज में अशांति फैलाने की साजिश नाकाम

फिरोज की गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि इंटरनेट मीडिया पर फर्जी नैरेटिव गढ़कर समाज को बांटने की हर कोशिश पर पुलिस की पैनी नजर है। यह कार्रवाई न सिर्फ कानून के कठोर पक्ष को दर्शाती है बल्कि यह संदेश भी देती है कि किसी भी कीमत पर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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