UP Election Violence: “BJP को वोट देने की वजह से बेटी की हत्या” – परिजन, बोरे में मिली लाश
UP Election Violence: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के करहल कस्बे में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। मतदान के दौरान एक युवती की लाश बोरे में बंद पाई गई, जो 2 दिन से लापता थी। हैरान कर देने वाली बात ये है कि परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवती को भाजपा को वोट देने से रोकने के लिए हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है।
युवती का अपहरण और हत्या का आरोप
करहल विधानसभा उपचुनाव के दिन, जहां एक ओर मतदान चल रहा था, वहीं 2 दिन से लापता युवती का शव नगला अंती इलाके में बोरे में बंद मिला। जांच के बाद मृतक युवती की पहचान करहल कस्बे के निवासी के रूप में हुई है। बुधवार सुबह जब पुलिस को सूचना मिली, तो उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। युवती के परिवार का आरोप है कि उसे भाजपा को वोट देने से रोका गया था, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई।
युवती की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी मतदान के लिए बेहद उत्साहित थी और वह भाजपा को वोट देना चाहती थी। यह बात कुछ स्थानीय युवकों को रास नहीं आई और उन्होंने उसे वोट देने से रोकने की कोशिश की। जब युवती नहीं मानी, तो उसे अगवा कर दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी गई और शव बोरे में बंद कर फेंक दिया गया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की जानकारी देते हुए मैनपुरी के एसपी विनोद कुमार ने बताया कि युवती की हत्या के बाद उसके पिता ने दो युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके माता-पिता ने भी बयान दिया है कि युवती की हत्या भाजपा को वोट देने से रोकने के कारण की गई है। हालांकि, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
एसपी ने यह भी बताया कि युवती 2 दिनों से लापता थी और उसकी तलाश जारी थी। बुधवार सुबह जब शव बोरे में बंद मिला, तो इलाके में सनसनी फैल गई। युवती की हत्या के बाद, पुलिस ने फौरन मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
चुनावी माहौल में तनाव
आज करहल में उपचुनाव के दौरान इस तरह की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर लोग मतदान में व्यस्त थे, वहीं दूसरी ओर युवती की हत्या ने माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया। परिजनों का कहना है कि यदि उनकी बेटी को भाजपा को वोट देने से रोका न जाता, तो यह घटना नहीं घटती।
इस घटना ने एक बार फिर से चुनावी हिंसा और राजनीति से जुड़ी विवादों को सामने लाया है, और इसे लेकर क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।