महराजगंज बना धर्मांतरण की फैक्ट्री का अड्डा! छांगुर बाबा के लिए डॉक्टर बना दलाल,एक और सनसनीखेज खुलासा
महराजगंज बना धर्मांतरण की फैक्ट्री का अड्डा! छांगुर बाबा के लिए डॉक्टर बना दलाल, एक और सनसनीखेज खुलासा
छांगुर बाबा की धर्मांतरण फैक्ट्री का महराजगंज कनेक्शन! नेपाल बॉर्डर से लेकर लखनऊ तक फैला खौफनाक जाल
प्रेमजाल में फंसाकर ब्रेनवॉश, फिर छांगुर बाबा के ‘तिलिस्मी दरबार’ में ले जाते थे लड़कियों को
अजय देव वर्मा, RocketPostLive
महराजगंज बना धर्मांतरण की फैक्ट्री का अड्डा! बलरामपुर की गिरफ्तारी ने खोली परतें, छांगुर बाबा के रैकेट का खुलासा जारी
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में गिरफ्तारी के बाद अवैध धर्मांतरण के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के नेटवर्क की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, पूरे देश में खलबली मचती जा रही है। यह सिर्फ एक बाबा की कहानी नहीं, बल्कि देश के अंदर और बाहर फैले संगठित धर्मांतरण गिरोह का ऐसा चेहरा है जो हिंदू लड़कियों को निशाना बनाकर उन्हें ब्रेनवॉश करता है, धर्म बदलवाता है और फिर विदेशी फंडिंग के जरिए उन्हें कट्टर इस्लामी एजेंडे में धकेल देता है।
महराजगंज के नौतनवा में बाबा का रैकेट सक्रिय, डॉक्टर और बेटा बना ‘लव-जिहाद’ का एजेंट
अब इस गिरोह की एक और चौंकाने वाली कड़ी महराजगंज जिले के नौतनवा कस्बे से जुड़ चुकी है। लखनऊ की रहने वाली एक पीड़िता ने बयान दिया है कि नौतनवा के एक कथित डॉक्टर अबू हरेरा अंसारी और उसका बेटा अमित उर्फ अमीर अंसारी हिंदू नाम अपनाकर लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाते थे। ये दोनों लड़की को प्यार का झांसा देकर उसके विचारों को तोड़ते-मरोड़ते, फिर उसे बलरामपुर के छांगुर बाबा के दरबार में लेकर जाते थे, जहां उसका ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण करवाया जाता था। यही नहीं, इन दोनों पर कई लड़कियों को इसी तरीके से फंसाने और धर्म बदलवाने के आरोप हैं।
महराजगंज बना धर्मांतरण की फैक्ट्री का अड्डा! घर बेचकर गायब हो चुका है परिवार, नौतनवा में रिश्तेदारों से पूछताछ जारी
इस गिरोह की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि डॉक्टर अबू हरेरा अंसारी और उसका परिवार लगभग एक दशक पहले नौतनवा छोड़कर अलीगढ़ जा चुका है। अबू हरेरा के भाई अबू उबैदा उर्फ बांके अंसारी ने बताया कि पूरा परिवार नौतनवा का मकान बेचकर चला गया और अब सिर्फ कभी-कभार यहां आता है। फिलहाल नौतनवा पुलिस स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है, ताकि बाबा के नेटवर्क की गहराई को समझा जा सके।
महराजगंज बना धर्मांतरण की फैक्ट्री का अड्डा! नेपाल बॉर्डर तक फैला है जाल, धर्मांतरण के लिए इस्तेमाल होती है सीमावर्ती कमजोरी
बड़ी बात यह है कि महराजगंज और नौतनवा नेपाल की खुली सीमा से सटे हैं। यही खुली सीमा छांगुर बाबा जैसे रैकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैर फैलाने का मौका देती है। नेपाल के रास्ते पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाली संदिग्ध विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल धर्मांतरण की इस पूरी ‘मशीन’ को चलाने में होता है। सूत्रों के अनुसार नेपाल के कुछ इस्लामिक संगठनों और कट्टरपंथी नेटवर्क्स से भी इस गैंग का संपर्क हो सकता है।
योगी सरकार का सख्त रुख, ATS से लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर
सीएम योगी आदित्यनाथ इस पूरे मामले को लेकर बेहद सख्त हैं। उन्होंने ATS और UP STF को पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने और इसके सभी गुर्गों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। धर्मांतरण को लेकर प्रदेश सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी अब जमीन पर दिखने लगी है। लखनऊ, अलीगढ़, महराजगंज, बहराइच, शाहजहांपुर, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर से लेकर बरेली तक एजेंसियां नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।
देशभर में फैला है नेटवर्क, कई राज्यों के नाम उभर कर आए
छांगुर बाबा का धर्मांतरण सिंडिकेट केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। जांच में अब यह खुलासा हो चुका है कि इसका नेटवर्क बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली, बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक फैला हुआ है। इन राज्यों में छोटे-छोटे मॉड्यूल काम करते हैं, जो गरीब, दलित, या प्रेमजाल में फंसी लड़कियों को चुनते हैं और फिर उन्हें ‘तिलिस्मी दरबार’ में ले जाकर नया धर्म स्वीकार करवाते हैं। कुछ मामलों में विदेश भेजे जाने की भी बात सामने आई है।
छांगुर बाबा का दरबार था ‘ब्रेनवॉश फैक्ट्री’, महिलाओं पर होता था काला जादू और फिजिकल टॉर्चर
जिस बलरामपुर के आश्रम को बाबा का आध्यात्मिक स्थान बताया जाता था, दरअसल वह एक ‘ब्रेनवॉश फैक्ट्री’ था। यहां आने वाली लड़कियों को सबसे पहले मानसिक रूप से तोड़ा जाता, फिर धार्मिक ग्रंथों का अपमान कर उनके आत्मसम्मान को तोड़ा जाता, फिर उनके सामने इस्लाम को सबसे बेहतर और शांतिप्रिय बताकर उनका माइंडशिफ्ट किया जाता था। इन सबके बीच उन्हें उनकी पसंद-नापसंद, परिवार और जीवनशैली से काट दिया जाता, और कट्टर सोच में ढाल दिया जाता था।
क्या यह महज धर्मांतरण है, या देशविरोधी साजिश?
यह सवाल अब हर देशभक्त भारतीय के मन में उठ रहा है — क्या यह केवल धर्मांतरण का मामला है? या फिर देश के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश है, जिसमें युवाओं के दिमाग को हथियार बनाया जा रहा है? ISI, खाड़ी देशों से आने वाली फंडिंग, नेपाल बॉर्डर का इस्तेमाल और भारत के अंदर फैला नेटवर्क – यह सब केवल ‘बाबा की भक्ति’ का मामला नहीं हो सकता।
ऐसे ‘बाबाओं’ से रहें सावधान, बेटियों को बचाएं
किसी भी कथित बाबा, मौलवी या धर्मगुरु की आड़ में चल रही गतिविधियों पर नजर रखें। बेटियों को सजग बनाएं, सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से पहले सोचें। धर्म, प्यार और आस्था के नाम पर जो खेल खेला जा रहा है, वो सिर्फ लड़की का नहीं, पूरे देश के भविष्य का शोषण है।