Accident Claim: हादसे में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 1.35 करोड़ का मुआवजा, ऐसे हुआ फैसला
Accident Claim: एमएसीटी (मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल) द्वारा एक आदेश पारित किया गया है, जिसके अनुसार 2018 में एक सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को 1.35 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इस मुआवजे का भुगतान दोषी बस के मालिक और उसकी बीमा कंपनी संयुक्त रूप से करेंगी।
2018 में हुआ था हादसा
बता दें कि 11 नवंबर 2018 को महाराष्ट्र के सिन्नर-शिरडी रोड पर एक बस द्वारा मृतक के वाहन को टक्कर मारी गई थी। इस हादसे में ठाणे के मीरा रोड इलाके के निवासी एग्नेल इयपुन्नी चक्रमाकिल और कार में सवार चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद मृतक एग्नेल की 52 वर्षीय पत्नी और 31 साल के बेटे ने एग्नेल की मौत के लिए 2.70 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी। उनका आरोप था कि बस को लापरवाही से और सड़क के गलत तरफ चलाया गया था, जिससे भयानक टक्कर हुई थी।
जिसके बाद सुनवाई के दौरान बस का मालिक ट्रिब्यूनल के सामने पेश नहीं हुआ। इसलिए मामले में उसके खिलाफ एकपक्षीय फैसला सुनाया गया। जबकि बीमाकर्ता ने दावे का विरोध करते हुए तर्क दिया कि एग्नेल स्थायी रोजगार में नहीं था। हालाँकि, ट्रिब्यूनल ने उदाहरणों का हवाला देते हुए पाया कि निजी रोजगार में होने से स्थायी रोजगार की स्थिति में बाधा नहीं आती है और याचिकाकर्ताओं को मुआवजा देने के लिए बीमाकर्ता के दायित्व की पुष्टि होती है।
1.35 करोड़ रुपये का मुआवजा
नतीजन, ट्रिब्यूनल ने एग्नेल की 1 लाख रुपये की मासिक आय और भविष्य की आय की संभावनाओं के लिए 30 प्रतिशत अतिरिक्त रकम को ध्यान में रखते हुए दावे की गणना की। एमएसीटी ने मृतक की उम्र के आधार पर 13 का गुणक लागू किया, जिससे मुआवजे का आंकड़ा 1,35,90,052 रुपये पर पहुंच गया। इस मुआवजे में मृतक की आय, संपत्ति, कंसोर्टियम और अंतिम संस्कार के खर्चों की हानि भी शामिल थी।
ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि व्यक्ति की पत्नी के लिए 1 करोड़ रुपये और उसके बेटे के लिए 5 लाख रुपये सावधि जमा में रखे जाएं और शेष और अर्जित ब्याज का भुगतान महिला को अकाउंट पेयी चेक के माध्यम से किया जाए। साथ ही एमएसीटी के अध्यक्ष एसबी अग्रवाल ने 12 फरवरी को पारित आदेश में आदेश दिया कि दोषी बस के मालिक और उसकी बीमा कंपनी संयुक्त रूप से और अलग-अलग मुआवजे की राशि का भुगतान याचिका दायर करने की तारीख से वसूली तक 7.5 प्रतिशत ब्याज के साथ करें।
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