लखनऊ में आया था यमदूत, 10 लोगों के सामने से गुजरी थी मौत, आगे जानिए क्या हुआ
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीती शनिवार की देर रात एक तेज रफ़्तार कार ने दस लोगों को रौंदते हुए कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और फरार होने के लिए फटे हुए तैयार के बाद भी कार चालक भागने की फ़िराक में था लेकिन आक्रोशित भीड़ ने आरोपी को कार समेत पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि कार में बीजेपी का झंडा लगा हुआ था।
यमदूत बनकर आया था ड्राइवर फिर भी न ले सका जान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार चालक मानो यमदूत की तरह तेज रफ़्तार में आया था और लगातार एक के बाद एक को टक्कर मारते हुए चला गया, लेकिन जब तक वो भाग पता तब तक उसे पकड़ लिया गया था और क्षेत्रीय थाने की पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी।
तेलीबाग बाजार में हुआ हादसा
आपको बताते चलें कि यह दर्दनाक हादसा लखनऊ की तेलीबाग बाजार में उस वक्त हुआ जा दर्शन करके लौट रहे श्रद्धालुओं के सामने एक तेज रफ़्तार कार चली आ रही थी। जिसे देखने के बाद जब तक वह सभी कुछ समझ पाते तब तक तेज रफ़्तार कार चालक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद उन्हें होश नहीं रहा।
पुलिस ने तत्काल लिया एक्शन
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को कार समेत अपनी हिरासत में लेकर थाने ले गई, जहाँ पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी हुसैनगंज का रहने वाला है और उसका नाम समर सिंह उर्फ़ अक्षय सिंह है। वहीं बीजेपी झंडे की जब पूछताछ आरोपी ने बताया कि वह बीजेपी नेता राजेश सिंह का बेटा है।
आरोपी का निकला आपराधिक इतिहास
पुलिस ने अपनी पड़ताल में यह भी पता लगा लिया है कि आरोपी समर सिंह का आपराधिक इतिहास भी है , जिसके चलते उस पर लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली से लूट, डकैती और चोरी समेत अपहरण के मामले दर्ज हैं। इस जानकारी के बाद पुलिस ने अपनी जांच और तेज कर दी है जिसमें यह भी शामिल किया गया है कि आखिरकार बीती रात समर सिंह कहाँ से लौट रहा था और इतनी रफ़्तार में क्यों था।
जाको राखे साइयां मार सके न कोई
इस कहावत का साक्षात् प्रमाण इस हादसे में देखने को मिल रहा है। क्योंकि जिन दस लोगों को इतनी जोरदार टक्कर लगी हो और उन्हें सिर्फ मामूली चोटें ही आई हों जबकि हादसे को देखने वाले बताते हैं कि आरोपी चालक इतनी रफ़्तार में था कि मानो सामने सभी के मौत आ गुजरी हो।