Lal Krishna Advani Health: अडवाणी की तबियत बिगड़ी, Apollo में एडमिट.. जानिए पूरी रिपोर्ट
Lal Krishna Advani Health: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और देश के राजनीतिक दिशा को बदलने वाले स्तंभ, लालकृष्ण आडवाणी को दिल्ली एनसीआर के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 97 वर्षीय आडवाणी जी की तबीयत शुक्रवार रात अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत को स्थिर बताया है।
बताते चलें कि यह इस साल का चौथा मौका है जब आडवाणी जी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले जून, अगस्त और अक्टूबर में भी वे स्वास्थ्य कारणों से दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हुए थे।
डॉक्टरों की रिपोर्ट और स्वास्थ्य अद्यतन
डॉक्टरों ने बताया कि आडवाणी जी की हालत स्थिर है और वे विशेषज्ञों की निगरानी में हैं। उनके परिवार और पार्टी के शीर्ष नेता अस्पताल में मौजूद हैं।
महानायक का जीवन: प्रारंभिक सफर से भारत के राजनीतिक नक्शे तक
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर, 1927 को कराची (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। विभाजन के समय उनका परिवार भारत आ गया। उन्होंने अपनी पढ़ाई मुंबई से की और प्रारंभिक जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य बने।
1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना के बाद, आडवाणी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वे 1980 में भारतीय जनता पार्टी के सह-संस्थापकों में से एक बने। आडवाणी को न केवल पार्टी का मार्गदर्शक माना जाता है, बल्कि भाजपा को भारतीय राजनीति में एक सशक्त विकल्प के रूप में खड़ा करने का श्रेय भी उन्हीं को दिया जाता है।
राम मंदिर आंदोलन और रथयात्रा: भारतीय राजनीति की नई धारा
लालकृष्ण आडवाणी का सबसे उल्लेखनीय योगदान राम मंदिर आंदोलन में रहा। 1990 में उनकी सोमनाथ से अयोध्या तक की रथयात्रा ने भाजपा के राजनीतिक सफर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इस आंदोलन ने भाजपा को देशव्यापी लोकप्रियता दिलाई और पार्टी को सत्ता के केंद्र में लाने में मदद की।
राजनीतिक सफर और उपप्रधानमंत्री पद
आडवाणी ने 1998-2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री और 2002-2004 के दौरान उपप्रधानमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उनकी कार्यशैली और दृढ़ नीतियों ने उन्हें एक कद्दावर नेता के रूप में स्थापित किया।
भारत रत्न से सम्मानित
आडवाणी जी को इस साल भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। समारोह में उनकी अस्वस्थता के कारण उन्हें यह पुरस्कार उनके आवास पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में दिया गया।
राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा देने वाले नेता
आडवाणी न केवल भाजपा बल्कि भारतीय राजनीति में वैचारिक दृढ़ता और संगठनात्मक क्षमता का प्रतीक हैं। वे अपनी दूरदर्शिता और सशक्त नेतृत्व के कारण ‘लौह पुरुष’ और ‘मार्गदर्शक’ के रूप में जाने जाते हैं।
उनके नेतृत्व में भाजपा ने देश की राजनीति में खुद को मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित किया। उनकी विचारधारा, संगठन कौशल और अडिग व्यक्तित्व ने भारतीय लोकतंत्र को नए आयाम दिए। उनकी जीवनी और राजनीतिक यात्रा हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना पूरे देश से की जा रही है।