Shri krishna janmashtami Special: पढ़िए भगवान् श्रीकृष्ण कथा, जन्म के बाद माता देवकी ने कौन सा किया था पहला सवाल

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Shri krishna janmashtami Special: भगवान श्री कृष्ण के जन्म की पौराणिक कथा को लेकर सभी लोग यह जरूर जानते हैं कि उनका जन्म जेल के अंदर हुआ था लेकिन पिता वासुदेव और माता देवकी के साहस के आगे मां कंस की एक भी न चली थी लेकिन क्या यह आप जानते हैं कि माता देवकी ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद उनका नाम लेते हुए सबसे पहला सवाल क्या किया था और क्यों उस सवाल का उत्तर सुनकर वह गौरवान्वित हो उठे थे अगर नहीं तो आज हम आपको इस रहस्य के विषय से भी परिचित कराएँगे, बने रहिये हमारे साथ

कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर एक प्रेरक कथा लोगों को यह संदेश देती है कि इस संसार में कर्मों का फल अवश्य मिलता है। कहा जाता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया, तब वे तत्काल कारागृह पहुँचे और माता देवकी तथा पिता वसुदेव को मुक्त किया।

उस समय माता देवकी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए भगवान कृष्ण से पूछा, *“बेटा, तुम्हारे पास असीम शक्ति है, फिर कंस का वध कर हमें मुक्त करने में चौदह वर्ष क्यों लगे?”*

इसके उत्तर में श्रीकृष्ण ने विनम्रता से कहा, *“माता, क्षमा कीजिए… क्या आपने पिछले जन्म में मुझे चौदह वर्ष के लिए वनवास नहीं भेजा था?”

यह सुनकर माता देवकी और अधिक चकित हो गईं। तब भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि पिछले जन्म में माता देवकी स्वयं महारानी कैकेई थीं, जबकि उनके पति राजा दशरथ थे।

इतना ही नहीं, श्रीकृष्ण ने आगे बताया कि पिछले जन्म में महारानी कौशल्या इस जन्म में माता यशोदा हैं। चूंकि पिछले जीवन में वे चौदह वर्ष तक मातृस्नेह से वंचित रहे, इसलिए इस जन्म में वही स्नेह उन्हें माता यशोदा से प्राप्त हुआ।

दरअसल**, यह कथा यह बताती है कि संसार में प्रत्येक जीव को अपने कर्मों का फल अवश्य भोगना पड़ता है। चाहे वह साधारण मनुष्य हो या स्वयं देवता ही क्यों न हों।

अतः, हमें कभी भी अहंकार का मार्ग नहीं अपनाना चाहिए। इसके विपरीत, मनुष्यता और विनम्रता की राह ही सच्चे जीवन तथा आध्यात्मिक शांति की ओर ले जाती है।

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