जानिए कैसे करें सूर्य की पूजा – मिलता है मांगा हुआ वरदान

0
20231029_090424
UP Desk – भक्तों और देवी सज्जनों क्या आप जानते हैं सूर्य देवता की  से किस फल की प्राप्ति होती है। कैसे करें सूर्य देवता की आराधना की जाती है कि सूर्य देवता आपकी पूजा पाठ से प्रसन्न हो कर आप पर अपनी कृपा बरसा दें। अगर आप उनकी पूजा अर्चना के विषय में यह सब जानना चाहते है तो हमारे साथ बने रहिए। 
 
सूर्य देवता से है दिनचर्या
सूर्य ही कालचक्र के प्रणेता हैं,सूर्य से ही दिन-रात्रि, घटी, पल, मास, अयन तथा संवत आदि का विभाग होता है। सूर्य संपूर्ण संसार के प्रकाशक हैं। इनके बिना सब अंधकार है। सूर्य ही जीवन, तेज, ओज, बल, यश, चक्षु, आत्मा और मन हैं।
 
कैसे करें आराधना 
 
वेदों, पुराणों व शास्त्रों में योग साधना में सूर्य नमस्कार का वर्णन मिलता है। सर्व शक्ति मान होने के साथ पूजा-अर्चना, आराधना एवं उपासना करने से भगवान सूर्य देव प्रसन्न हो जाते हैं। सूर्य की कृपा पाने के लिए आदित्य हृदय स्त्रोत, सूर्य चालीसा का पाठ व दक्षिणावर्ती या गोमुखी शंख से अर्घ्य चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से जन्म पत्रिका या हस्तरेखा में सूर्य निर्बल होने पर भी लाभकारी बन जाता है।
 
रविवार को इस तरह करें पूजा अर्चना 
 
सूर्य पूजा का रविवार के दिन खास महत्व है। धार्मिक दृष्टि से सूर्यदेव जगत की रचना, पालन व संहार करने वाले परब्रह्म स्वरूप पंचदेवों में एक हैं। सूर्य पूजा यश, प्रतिष्ठा, सेहत और खुशहाली देने वाली मानी गई है। रविवार के दिन सूर्य को नित्य रक्त पुष्प डालकर अर्घ्य दिया जाता है। अर्घ्य द्वारा विसर्जित जल को दक्षिण नासिका, नेत्र, कान व भुजा को स्पर्श करें।
 
  • सुखी व समृद्ध रहने के लिए सूर्य नक्षत्र में उस पेड़ की टहनी तोड़ें जहां चमगादड़ों का स्थाई निवास हो। उस टहनी को अपने तकिए के नीचे रख कर सोएं।
 
  •  सुबह उगते सूरज के दर्शन करने से दिन दोगुनी, रात चौगुनी तरक्की होती है।
 
जो उपासक ऐसे उन भगवान सूर्य की उपासना करते हैं, उन्हें मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। उपासक के सम्मुख उपस्थित होकर भगवान सूर्य स्वयं अपने उपासक की इच्छापूर्ति करते हैं। उनकी कृपा से मनुष्य के मानसिक, वाचिक तथा शारीरिक सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

About The Author

Leave a Reply

Discover more from ROCKET POST LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading