कानपुर में छात्र की अपहरण के बाद हत्या – ट्यूशन टीचर ने रची थी पूरी साजिश
रिपोर्ट – ज्ञानेंद्र शुक्ला – कानपुर नगर
Kanpur News – यूपी में हुई एक अपहरण और हत्या की वारदात ने जहां एक परिवार में मातम सा छा दिया है बल्कि पुलिस विभाग के लिए बड़ी चुनौती सी ला खड़ी की है। वारदात को प्रदेश के कानपुर में अंजाम दिया गया। जहां कोचिंग गए व्यापारी के बेटे का अपहरण किया जाता है और फिर एक लेटर के माध्यम से फिरौती की मांग की जाती है। तभी चंद घंटे बाद ही व्यापारी के बेटे की हत्या कर दी जाती है। अपहरण और हत्या करने वाले इतने शातिर थे कि उन्होंने व्यापारी को यह भी बताया था कि उसके बेटे की गाड़ी और मोबाइल कहां रखा है।
तीस लाख की मांगी गई थी फिरौती
कानपुर के थाना रायपुरवा क्षेत्र में रहने वाले कपड़े के कारोबारी का नाबालिक बेटा बीते कल स्वरूप नगर स्थित कोचिंग गया था। उसके बाद से वह लापता हो गया। लापता होने के कुछ देर बाद परिजनों को हिंदी में लिखा हुआ एक लेटर मिला जिसमें साफ लिखा था कि अपना त्योहार मत बर्बाद होने दो हमको 30 लाख रुपए फिरौती दे दो नहीं तो तुम्हारे बेटे को मार देंगे। लेटर के आखिरी में अल्लाह हू अकबर लिखा था। परिजनों ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी। जिससे तत्काल ही कानपुर कमिश्नरेट के दोनों जॉइंट सीपी समेत जोन के सारे अधिकारी इस वारदात में लग गए। जल्दी पुलिस ने इस घटना में लीड लेते हुए वारदात में शामिल लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। नाबालिग छात्र कुशाग्र की स्कूटी और मोबाइल भी जहां पर रखा था, उसका भी उस लेटर में जिक्र था। हालांकि अपहरण कर्ताओं ने नाबालिग छात्र की हत्या कर दी। लेकिन इसमें जो लोग शामिल थे उसे छात्र की ट्यूशन टीचर रचिता उसका मंगेतर प्रभात शुक्ला और उसका एक साथी आर्यन उर्फ अंकित शामिल था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनको जेल भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
इस तरह से हुआ खुलासा
ज्वाइंट कमिश्नर आनंद तिवारी के अनुसार अभी तक को इन्वेस्टिगेशन किया गया है उसमे पाया गया है कि मृतक छात्र कुशाग्र को उसकी शिक्षिका रही रचिता द्वारा बुलाया जाता है। जिसके आधार पर कुशाग्र अपनी स्वेच्छा से बताए हुए स्थान पर पहुँच जाता है। जहां उसकी मुलाकात हत्यारोपी प्रभात से होती है। उसके बाद प्रभात अपनी बाइक से आगे आगे चलता है और पीछे कुशाग्र अपनी स्कूटी से पीछे पीछे चलता है। फिर समय करीब साढ़े चार बजे प्रभात कुशाग्र को एक स्टोर जैसे कमरे में ले जाता है। लेकिन सवा पांच बजे प्रभात अकेले कमरे के बाहर आता है और बगल के अपने कमरे में जाकर कपड़े बदलते हुए सफ़ेद शर्ट पहन लेता है। जैसा कि सीसीटीवी कैमरे में देखा गया है। इसके दो घंटे बाद एक स्कूटी से एक युवक कुशाग्र के घर जाता है और एक लेटर परिवार को दे देता है। युवक मुँह में कपड़ा बंधे हुए था। इसके बाद जैसे ही सूचना मिलती है तो टीम एक्शन मोड में आती है जिसका असर यह होता है कि पूरी वारदात का खुलासा हो जाता है। जिसके बाद मंगलवार सुबह छात्र कुशाग्र का शव भी बरामद कर लिया जाता है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2021 में हत्या की आरोपी टीचर रचिता कुशाग्र को घर टियूशन पढ़ाने जाय करती थी। जिसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि रचिता ने कुशाग्र को पढ़ाना बंद कर दिया लेकिन दोनों की बातचीत लगातार होती रही। जिसका उदाहरण सामने है कि रचिता ने ही कुशाग्र को बुलाकर पूरा षणयंत्र रचा था। हालाँकि अभी हत्या की मुख्य वजह को नहीं खोला गया है।